सीकर नगर परिषद के वार्ड नंबर 65 में कांग्रेस की माया देवी निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। इस वार्ड में कांग्रेस की ओर से माया देवी, बीजेपी की ओर से पिंकी पंवार और चूका देवी तथा निर्दलीय प्रत्याशी सरिता देवी ने नामांकन दाखिल किया था।
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान चूका देवी का नामांकन खारिज हो गया। इसके बाद बीजेपी की अधिकृत प्रत्याशी पिंकी पंवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी सरिता देवी ने भी नाम वापस ले लिया।
तीनों प्रत्याशियों के मैदान से हटने के बाद कांग्रेस की माया देवी अकेली उम्मीदवार रह गईं और उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
सीकर के इस वार्ड में शुरुआत में मुकाबला बहुकोणीय दिखाई दे रहा था। बीजेपी ने पिंकी पंवार को अधिकृत उम्मीदवार बनाया था, जबकि पार्टी से ही चूका देवी ने भी नामांकन दाखिल किया था। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर सरिता देवी के मैदान में होने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया था।
लेकिन स्क्रूटनी और नाम वापसी के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। आखिरकार कांग्रेस प्रत्याशी माया देवी के सामने कोई उम्मीदवार नहीं बचा और उनकी निर्विरोध जीत तय हो गई।
बूंदी जिले की हिंडोली नगर पालिका के वार्ड नंबर 20 में भी कांग्रेस प्रत्याशी हनुमान व्यास निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
इस वार्ड में कांग्रेस के हनुमान व्यास और बीजेपी के जितेंद्र सिंह ने नामांकन दाखिल किया था। जितेंद्र सिंह ने बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर नामांकन के साथ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी पर्चा दाखिल किया था।
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान जितेंद्र सिंह के दोनों नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। इसके बाद वार्ड में कांग्रेस के हनुमान व्यास ही एकमात्र उम्मीदवार रह गए और उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
इन दोनों मामलों में खास बात यह है कि संबंधित वार्डों में मतदाताओं को मतदान करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी, क्योंकि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी अकेले उम्मीदवार रह गए।
राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के बाद कई वार्डों में चुनावी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। कहीं नामांकन खारिज होने से उम्मीदवार बाहर हुए हैं तो कहीं प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया है।
निकाय चुनाव में निर्विरोध जीत का फायदा सिर्फ कांग्रेस को ही नहीं मिला है। अन्य वार्डों में नामांकन खारिज होने के बाद बीजेपी प्रत्याशी भी निर्विरोध जीत की स्थिति में पहुंचे हैं।
उदाहरण के तौर पर बीकानेर नगर परिषद के वार्ड 69 में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के बाद बीजेपी की लीला गहलोत के निर्विरोध निर्वाचित होने की स्थिति बनी। वहीं डूंगरपुर नगर परिषद के वार्ड 23 में कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने के बाद बीजेपी उम्मीदवार के लिए भी मुकाबला आसान हुआ है।
नामांकन प्रक्रिया के बाद अब राजनीतिक दलों का पूरा फोकस चुनावी प्रचार और बचे हुए वार्डों में मुकाबले पर रहेगा। जिन वार्डों में प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं, वहां मतदान की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि बाकी वार्डों में उम्मीदवार आमने-सामने होंगे।
सीकर और हिंडोली में कांग्रेस की निर्विरोध जीत ने पार्टी को निकाय चुनाव से पहले जरूर बढ़त का संदेश दिया है, लेकिन प्रदेश के बाकी वार्डों में चुनावी मुकाबला अभी बाकी है।
सीकर वार्ड 65: कांग्रेस की माया देवी निर्विरोध
हिंडोली वार्ड 20: कांग्रेस के हनुमान व्यास निर्विरोध
सीकर में बीजेपी की पिंकी पंवार ने नाम वापस लिया
निर्दलीय सरिता देवी ने भी नाम वापस लिया
हिंडोली में बीजेपी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह के नामांकन खारिज
दोनों वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी के सामने कोई उम्मीदवार नहीं बचा।
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