राजस्थान: के दौसा जिले में करीब सात साल पुराने सनसनीखेज ट्रक लूटकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान हंसराज गुर्जर के रूप में हुई है, जो इस मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल था और जिस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
पुलिस ने उसे महवा क्षेत्र के आगरा रोड से गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई को कोतवाली थाना प्रभारी सचिन शर्मा और साइबर सेल प्रभारी प्रेमनारायण शर्मा के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।
यह मामला 17 जुलाई 2019 की रात का है, जब झारखंड निवासी ट्रक चालक महेंद्र यादव अपने खलासी के साथ जयपुर से 1712 कार्टन सरसों का तेल लेकर पश्चिम बंगाल जा रहे थे।
दौसा के पास सैथल पुलिया के निकट सर्विस रोड पर अचानक एक जीप और बोलेरो ने उनके ट्रक को रोक लिया। इसके बाद 8-9 बदमाशों ने दोनों को जबरन नीचे उतार लिया।
बदमाशों ने ड्राइवर और खलासी को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया और पूरी रात उन्हें अलग-अलग स्थानों पर घुमाते रहे। इस दौरान दोनों के साथ मारपीट भी की गई, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।
अगली सुबह आरोपियों ने दोनों को झाड़ियों में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। बदमाश ट्रक, करीब 42 हजार रुपए नकद, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज भी अपने साथ ले गए।
लूटे गए ट्रक में मौजूद सरसों के तेल की कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई गई थी, जिससे यह मामला काफी गंभीर हो गया था।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कई टीमें गठित की गईं। भरतपुर, अलवर, दिल्ली और हरियाणा समेत कई राज्यों में दबिश दी गई, लेकिन आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा।
पुलिस के अनुसार, हंसराज गुर्जर बेहद शातिर तरीके से पुलिस से बचता रहा। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद कर दिया और लगातार अलग-अलग ठिकानों पर रहकर गिरफ्तारी से बचता रहा।
हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी महवा क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और उसे आगरा रोड से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस लूटकांड में शामिल अन्य आरोपियों का भी पता लगाया जा सके।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी अन्य आरोपी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हंसराज से पूछताछ के आधार पर जल्द ही अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस तरह के संगठित अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
करीब सात साल बाद इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे न सिर्फ पुराने मामलों को सुलझाने में मदद मिलेगी, बल्कि अपराधियों में भी कानून का डर पैदा होगा।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.