राजस्थान: की राजधानी जयपुर अब वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रही है। यहां जल्द ही देश का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर ‘राजस्थान मंडपम’ बनाया जाएगा, जो न केवल राज्य बल्कि पूरे भारत के लिए एक प्रतिष्ठित परियोजना साबित होगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण होगा 7 हजार सीटों वाला भव्य ऑडिटोरियम ‘पद्ममंडपम’, जो अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और बड़े आयोजनों का केंद्र बनेगा।
राजस्थान दिवस के अवसर पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की गई, जिसकी अनुमानित लागत करीब 5800 करोड़ रुपए है। यह परियोजना बीटू बाईपास स्थित द्रव्यवती नदी के पास लगभग 91 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। सरकार की योजना है कि इसे अगले दो वर्षों में पूरा कर लिया जाए।
इस परियोजना का निर्माण NBCC (India) Limited और रीको द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसे एक सेल्फ-फाइनेंस मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य आकर्षण ‘पद्ममंडपम’ होगा, जिसमें एक साथ 7 हजार लोग बैठ सकेंगे। यह देश का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम होगा, जहां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, बिजनेस समिट और बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
इसके अलावा, पूरे परिसर में 4 बड़े ऑडिटोरियम बनाए जाएंगे, जिनके नाम वैदिक परंपरा से प्रेरित होंगे। इससे आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
राजस्थान मंडपम में 7 लाख वर्ग फीट में फैला देश का सबसे बड़ा एक्सपो सेंटर भी बनाया जाएगा। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियां, व्यापार मेलों और कॉर्पोरेट इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा। यह जयपुर को एक ग्लोबल बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस प्रोजेक्ट की डिजाइन को खास बनाने के लिए वास्तुकार डॉ. अनूप बरतरिया ने एक अनोखा कॉन्सेप्ट तैयार किया है। सेंटर में पूर्व और पश्चिम दिशा में दो भव्य प्रवेश द्वार होंगे, जिनके बाहर वाटरफ्रंट व्यू देखने को मिलेगा।
सबसे खास बात यह है कि पिछले गेट पर द्रव्यवती नदी के ऊपर लगभग 300 मीटर लंबी कृत्रिम झील बनाई जाएगी, जो इस पूरे परिसर को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देगी।
राजस्थान मंडपम केवल एक कन्वेंशन सेंटर नहीं होगा, बल्कि इसे एक ‘ग्लोबल अर्बन डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां विश्वस्तरीय रेजिडेंशियल एरिया, फूड पार्क, ऑर्गेनिक पार्क और डक पार्क भी बनाए जाएंगे।
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुनर्जीवित झीलें, हरित क्षेत्र और वाटरफ्रंट डेवलपमेंट इस प्रोजेक्ट की खास पहचान बनेंगे।
परियोजना के प्रधान वास्तुकार डॉ. अनूप बरतरिया के अनुसार, यह केवल एक इमारत नहीं बल्कि भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला प्रोजेक्ट है। यहां दुनिया के बड़े सम्मेलन, एक्सपो और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित किए जा सकेंगे।
इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और जयपुर की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस परियोजना के लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार की विकास योजनाओं का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
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