जयपुर, 11 अगस्त। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऊर्जा उत्पादन और बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैटरी स्टोरेज क्षमता बढ़ने से पीक ऑवर्स में बिजली की मांग को राज्य अपने संसाधनों से पूरा कर सकेगा।
विद्युत भवन में आयोजित बैठक में मंत्री ने विद्युत आपूर्ति, आरडीएसएस, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, ग्रिड सब स्टेशन और विद्युत तंत्र को मजबूत करने वाली विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
मंत्री ने पीएम सूर्यघर योजना के तहत यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल से 3 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के कार्यक्रम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की वर्ष 2027 तक सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए मंत्री ने विद्युत तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति से जोड़ा जा चुका है।
ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने बताया कि तीनों डिस्कॉम ने पायलट आधार पर 172 मेगावाट/688 मेगावाट ऑवर बैटरी भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। वहीं उत्पादन निगम और अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा 12,400 मेगावाट ऑवर बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता की परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
बैठक में यह भी बताया गया कि 18 जुलाई को प्रदेश में रिकॉर्ड 4040 लाख यूनिट बिजली की खपत बिना किसी व्यवधान के पूरी की गई। जुलाई में दैनिक औसत विद्युत खपत 3369 लाख यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। वहीं सर्वाधिक डिमांड 18,164 मेगावाट दर्ज की गई, जो पिछले साल जुलाई के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक है।
ऊर्जा मंत्री ने स्मार्ट मीटर स्थापना और बजट में घोषित ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में ऊर्जा विभाग एवं विद्युत निगमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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