पुलिस के मुताबिक, जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश की टीम और सीकर कोतवाली थाना पुलिस ने तकनीकी जानकारी और मुखबिर से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मी एयरटेल फाइबर टेक्नीशियन बनकर उसके घर पहुंचे और उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच के अनुसार, कल्याण सिंह ने अपने साथी विकास सक्सेना के साथ वर्ष 2005 से 2008 के बीच सीकर के अशोक विहार में जनरल एजुकेशन क्लासेस नाम से कोचिंग संस्थान चलाया था। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बीएड करवाने का भरोसा दिया जाता था। आरोप है कि विद्यार्थियों से प्रति छात्र 70 से 80 हजार रुपये तक लिए गए, लेकिन उन्हें बीएड की डिग्री नहीं दिलवाई गई।
वर्ष 2008 में विद्यार्थियों की शिकायतों के बाद आरोपी के खिलाफ मामले दर्ज होने लगे। उसका साथी विकास सक्सेना गिरफ्तार हो गया, जबकि कल्याण सिंह फरार हो गया। वर्ष 2008 से 2013 के बीच सीकर कोतवाली थाने में आरोपियों के खिलाफ 23 मुकदमे दर्ज हुए।
पुलिस के अनुसार, फरारी के दौरान कल्याण सिंह देहरादून चला गया और वहां अपने परिवार के साथ रहने लगा। आरोप है कि उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए देहरादून के पते पर दस्तावेज बनवाए। इसके बाद उसने देश के अलग-अलग शहरों में कोचिंग संस्थानों में पढ़ाया।
वह देहरादून, नोएडा, अलीगढ़, अमरावती, चेन्नई, वाराणसी और सिलीगुड़ी सहित कई स्थानों पर कोचिंग संस्थानों से जुड़ा रहा। आरोपी केमिस्ट्री और अन्य विषय पढ़ाकर अपना गुजारा कर रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, उम्र अधिक होने के कारण वर्ष 2025 और 2026 में उसे कुछ कोचिंग संस्थानों में नौकरी से हटाया गया। इसके बाद वह घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगा।
कोतवाली थाना प्रभारी सुनील कुमार जांगिड़ के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अब न्यायालय में दर्ज अलग-अलग मामलों में उसे तलब किया जाएगा। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.