मौसम विभाग ने 14 अक्टूबर को प्रदेश के पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही किसानों को फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और मौसम को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, 14 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। इसके असर से पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, नागौर, फलोदी और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
मौसम में अचानक होने वाले इस बदलाव का असर कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से खेतों में खड़ी फसलों और खुले स्थानों पर रखी कृषि उपज को तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और अपनी उपज को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में भी मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 अक्टूबर तक इन क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की भी संभावना है।
15 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में अगले तीन दिनों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, बारिश और ओलावृष्टि की तीव्रता तथा प्रभाव जिलेवार अलग-अलग रह सकता है।
मौसम विभाग ने 14 अक्टूबर के लिए राजस्थान के पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के तहत संबंधित क्षेत्रों में संभावित खराब मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं, गरज-चमक और संभावित ओलावृष्टि को देखते हुए किसानों को फसल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
येलो अलर्ट का उद्देश्य लोगों को संभावित मौसमी गतिविधियों के प्रति पहले से सतर्क करना है। स्थानीय स्तर पर जारी मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह का पालन करना महत्वपूर्ण रहेगा।
राजस्थान में बारिश की संभावना के बीच गर्मी का असर भी बरकरार है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के सभी इलाकों में मौसम साफ रहा, जबकि पश्चिमी राजस्थान के जिलों में तापमान बढ़ने से गर्मी महसूस की गई।
मौसम संबंधी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बाड़मेर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों में पारा 38 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। अक्टूबर के मध्य में भी तापमान का इस स्तर पर बने रहना लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलने का संकेत है।
हालांकि, रात के समय तापमान में अपेक्षाकृत कमी आने से हल्की ठंडक महसूस हो रही है। दिन और रात के तापमान में अंतर के चलते मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है।
राजधानी जयपुर में मंगलवार को आसमान साफ रहा और दिनभर धूप खिली रही। तापमान में करीब एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिन के समय गर्मी का असर बना रहा, जबकि शाम होते-होते मौसम में हल्की ठंडक महसूस हुई।
जयपुर में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने राजधानी में 15 अक्टूबर को आंधी और बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए किसानों के लिए अगले तीन दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। तेज हवाओं और ओलों से खेतों में खड़ी फसलों के साथ-साथ कटाई के बाद खुले में रखी उपज को भी नुकसान पहुंच सकता है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाएं। साथ ही, खेतों में काम करते समय गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचें।
कुल मिलाकर, राजस्थान में 14 से 16 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव की संभावना है। एक ओर पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। ऐसे में आम लोगों और किसानों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत है।
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