Download App Now Register Now

कॉर्बेट रिजर्व अवैध निर्माण: SC की हरक-किशन चंद को फटकार, 'खुद को ही कानून मान बैठे, पब्लिक ट्रस्ट डॉक्ट्रिन को कूड़ेदान में फेंका'

नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पाखरो रेंज में पेड़ों की कटाई और अवैध निर्माण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में सख्त रुख अपनाते हुए उच्चतम न्यायालय ने पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत और पूर्व IFS अधिकारी किशन चंद को कड़ी फटकार लगाई है. इसके साथ ही, देश में राष्ट्रीय उद्यानों के बफर जोन या इससे सटे सीमांत क्षेत्रों में टाइगर सफारी की इजाजत दी जा सकती है या नहीं, इसको देखने के लिए एक समिति गठित करने का आदेश दिया है. न्यायमूर्ति बी आर गवई की अगुवाई वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने एक समिति का गठन करते हुए कहा कि इस समिति की सिफारिश सभी मौजूदा सफारियों पर भी लागू होंगी.

अपने जजमेंट को सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि- 'बाघ जंगल और जंगल बाघ के बिना नष्ट हो जाता है. इसलिए बाघ को जंगल की रक्षा में खड़ा रहना चाहिए और जंगल को अपनी सभी बाघों की रक्षा करनी चाहिए. इस तरह से इको सिस्टम में बाघों का महत्व को लेकर 'महाभारत' में बताया गया है. जंगल का अस्तित्व बाघों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है. यदि बाघ की रक्षा की जाती है, तो उसके चारों ओर का इको सिस्टम तंत्र भी सुरक्षित रहता है.'

इस टिप्पणी के बाद कोर्ट ने कहा कि, बाघ के संरक्षण और रक्षा के लिए बनाए गए तमाम प्रावधानों के बावजूद, वर्तमान मामला एक दुखद स्थिति को दर्शाता है कि कैसे मनुष्य के लालच ने बाघों के सबसे बेहतरीन निवास स्थलों में से एक यानी कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को बर्बाद कर दिया.

बता दें कि, वन्यजीव कार्यकर्ता व वकील गौरव बंसल द्वारा दायर एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिया. गौरव बंसल की अपनी याचिका में पाखरो टाइगर सफारी में अवैध निर्माण और हजारों पेड़ों के अवैध कटान का आरोप लगाया है. बंसल ने कहा है कि इस कारण लैंसडाउन वन प्रभाग में बाघों के आवास खत्म हो रहे हैं और बाघों के घनत्व में कमी आ रही है. इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई की अनुमति देकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को नुकसान पहुंचाने के लिए उत्तराखंड के पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत और तत्कालीन प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) किशन चंद को भी फटकार लगाई.

हरक और किशन चंद को सुप्रीम कोर्ट की फटकार: कॉर्बेट में पेड़ों की कटाई के पहलू पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह तत्कालीन मंत्री और डीएफओ के दुस्साहस से चकित है. शीर्ष अदालत ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई के कारण हुए नुकसान के संबंध में पहले से ही मामले की जांच कर रही सीबीआई को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया. शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को जंगल की बहाली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी: शीर्ष अदालत ने कहा कि वर्तमान मामले में ये बिना किसी संदेह के स्पष्ट है कि तत्कालीन वन मंत्री और डीएफओ ने खुद को ही कानून मान बैठे. पीठ ने कहा कि, ये एक क्लासिक मामला है जो दर्शाता है कि कैसे नेताओं और नौकरशाहों ने 'पब्लिक ट्रस्ट डॉक्ट्रिन को कूड़ेदान में फेंक दिया.'

नेता-नौकरशाह गठजोड़ ने पहुंचाया नुकसान: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक-नौकरशाह गठजोड़ ने वन और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया. राज्य को नुकसान की लागत का अनुमान लगाना चाहिए और पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाने के दोषियों से इसकी वसूली करनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि, वर्तमान मामला बताता है कि कैसे एक राजनेता और एक वन अधिकारी के बीच सांठगांठ के कारण राजनीतिक और व्यावसायिक लाभ के लिए पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है. इस मामले में वन विभाग, विजिलेंस और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुशंसा को भी पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है, जिन्होंने संवेदनशील पद पर किशन चंद की पोस्टिंग पर आपत्ति जताई थी. कोर्ट ने आश्चर्य जताया कि किस तरह तत्कालीन वन मंत्री और डीएफओ किशन चंद ने वैधानिक प्रावधानों को नजरअंदाज करने का दुस्साहस किया. हालांकि, शीर्ष अदालत ने ये साफ किया कि इस केस में अभी सीबीआई जांच जारी है इसलिए आगे इस पर कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी.

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
Akhilesh Yadav vs Amit Shah: 'आप 20-25 साल और अध्यक्ष रहेंगे', अखिलेश यादव के तंज पर अमित शाह ने ऐसे ली चुटकी | Waqf Bill: जदयू बोला- विधेयक मुस्लिम विरोधी, ये नैरेटिव गलत; शिवसेना-यूबीटी ने बताया जमीन हड़पने वाला बिल | Rajasthan: निवेशकों से मांगी जा रही शिकायत, लॉन्च हुआ ऐप- राजस्थान दिवस पर CM भजनलाल की बड़ी घोषणाएं | टोंक में ईद के जुलूस पर विवाद, पुलिस और नमाजियों में नोकझोंक | सीकर में नशीला पदार्थ पिलाकर युवती का किडनैप, जयपुर में जबरदस्ती शादी और रेप का आरोप | सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने सपरिवार प्रधानमंत्री मोदी से की शिष्टाचार भेंट, ‘अटल नमो पथ’ पुस्तक भेंट की | REET मामले में CBI जांच की याचिका खारिज होने पर सियासी बवाल, डोटासरा बोले- 2 साल से मगरमच्छ ही पकड़ रहे | सीएम भजनलाल शर्मा ने आम लोगों को दी बड़ी सौगात, 10 हजार करोड़... पत्रकार हेल्थ कवरेज योजना और चिकित्सा ऐप | जयपुर पुलिस कमिश्नर को अपशब्द बोलने वाला कॉन्स्टेबल गिरफ्तार: वीडियो में 6 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गलत शब्दों का इस्तेमाल किया | डोटासरा बोले- बीजेपी-RSS के हारे हुए नेताओं ने गदर मचाया:राठौड़, तिवाड़ी और चतुर्वेदी की कमेटी अफसरों को बुलाकर डांटती है, सरकार को हाईजैक किया |