राजस्थान विधानसभा : में मंगलवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक के बीच तीखी बहस हुई।
सत्र की कार्यवाही के दौरान विधायक जीवा राम चौधरी ने सांचौर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मुआवजे को लेकर सवाल पूछा। कृषि मंत्री केके बिश्नोई ने जवाब देते हुए बताया कि यह योजना खड़ी फसल को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा देने के लिए बनी है। इसमें सूखा, जलभराव, ओलावृष्टि, तूफान, और चक्रवात जैसी आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई का प्रावधान है।
✔ प्रभावित किसान को 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन, बैंक या कृषि विभाग को सूचना देनी होगी।
✔ बीमा कंपनी को 48 घंटे के भीतर सर्वे टीम नियुक्त करनी होगी।
✔ सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही किसानों को बीमा क्लेम मिलेगा।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार से पूछा:
क्या कोई ऐसा नियम बनेगा जिससे हर किसान का बीमा सुनिश्चित हो?
बीमा कंपनियां किसानों के क्लेम खारिज कर देती हैं, ऐसे में सरकार क्या सख्त कदम उठाएगी?
इस पर मंत्री गौतम दक ने जवाब दिया कि सरकार ने बीमा कंपनियों के टेंडर पूरे कर लिए हैं और किसानों को जल्द ही बिना देरी के क्लेम मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि सरकार बीमा क्लेम रिजेक्शन की मॉनिटरिंग कर रही है और इसके लिए एक नया पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होगा कि बीमा कंपनियां किस आधार पर क्लेम खारिज कर रही हैं।
✔ सरकार ने बीमा विवाद निपटाने के लिए एडवोकेट नियुक्त किया है।
✔ किसान अगर बीमा क्लेम रिजेक्ट होने पर असंतुष्ट हैं, तो वे बीमा विनायक बोर्ड या बीमा लोकपाल में शिकायत कर सकते हैं।
✔ सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनका हक मारा नहीं जाएगा।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.