जयपुर : राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच ट्विटर और पुराने वादों को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अशोक गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि "गहलोत जी विधानसभा में आकर सरकार से सवाल नहीं करते, लेकिन ट्विटर पर लगातार सुर्खियों में बने रहते हैं।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री सोशल मीडिया के जरिए अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं, लेकिन जब जनता के मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा की जरूरत होती है, तो वे नदारद रहते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सीएम शर्मा के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, "ढाई साल पहले भाजपा नेताओं ने बाजरा एमएसपी पर खरीदने का वादा किया था। अब मैं वही पुराना ट्वीट याद दिला रहा हूं— आखिर एमएसपी पर बाजरा कब खरीदा जाएगा?"
गहलोत ने आगे कहा कि "सरकार मेरे ट्विटर पर सक्रिय रहने की चिंता कर रही है, लेकिन उसे महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की परेशानियों पर कोई चिंता नहीं है। जब हम विपक्ष में थे, तब भी हमने जनता के मुद्दे उठाए, और अब भी उठा रहे हैं।"
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गहलोत विधानसभा में सवाल उठाने से बचते हैं और ट्विटर पर सक्रिय रहकर सिर्फ बयानबाजी करते हैं। इस पर गहलोत ने कहा, "मैं विधानसभा में भी बोलता हूं और सोशल मीडिया पर भी। लेकिन भाजपा यह बताए कि उसने अपने वादे क्यों पूरे नहीं किए?"
इस ट्विटर वार के बाद राजस्थान की राजनीति में गरमाहट बढ़ गई है। जहां कांग्रेस इसे सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास बता रही है, वहीं भाजपा इसे गहलोत की गैर-जवाबदेही करार दे रही है।
अब देखना होगा कि यह सियासी बयानबाजी आगे क्या नया मोड़ लेती है और क्या सच में सरकार एमएसपी पर बाजरा खरीदने को लेकर कोई ठोस कदम उठाएगी या यह सिर्फ राजनीतिक बहस बनकर रह जाएगी।
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