अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले में जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) का कार्यालय सीज कर दिया गया। मामला छह सरकारी शिक्षकों से जुड़ा है, जिनकी 1 करोड़ 75 लाख रुपये की बकाया राशि वर्षों से शिक्षा विभाग द्वारा नहीं लौटाई गई थी। न्यायालय के आदेश के बावजूद भुगतान न होने पर अधिकारियों के चेंबर को सीज कर दिया गया।
शिक्षकों ने अपनी सेवा परिलाभ की राशि प्राप्त करने के लिए शिक्षा विभाग से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, उन्होंने न्यायालय का रुख किया। न्यायालय ने विभाग को 30 सितंबर 2024 तक शिक्षकों की बकाया राशि लौटाने का आदेश दिया था, लेकिन विभाग ने एक माह का अतिरिक्त समय मांगा। इसके बावजूद सात महीने बीत जाने के बाद भी शिक्षकों को उनका बकाया नहीं मिला।
बुधवार को सिविल न्यायाधीश उत्तर के मजिस्ट्रेट यश बिश्नोई के आदेश के बाद नजीर अपनी टीम के साथ शिक्षा विभाग पहुंचे। जब विभागीय अधिकारियों ने भुगतान करने से इनकार किया, तो कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) के चेंबर से सभी फर्नीचर बाहर निकालकर कार्यालय को सीज कर दिया गया।
शिक्षिका हेमलता वर्मा ने कहा कि वे सालों से अपनी मेहनत की कमाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन विभाग उनकी मांगों को अनदेखा करता रहा। न्यायालय के आदेश के बावजूद बकाया राशि न लौटाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। अब देखना होगा कि आगे इस मामले में विभाग क्या कदम उठाता है।
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