राजस्थान: में राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। कांग्रेस मुख्यालय में आज होने वाली बड़ी बैठक को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा दिल्ली रवाना हुए। इसी दौरान दौसा में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भाजपा नेता किरोड़ी लाल मीणा पर चुटकी ली और कहा, "साढ़ू दो तरह के होते हैं, वे दूसरे वाले हैं।" उनके इस बयान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में ठहाके गूंज उठे।
किरोड़ी लाल मीणा, जो पहले अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर थे, अब बैकफुट पर आते दिख रहे हैं। कुछ समय पहले तक वह सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन अब उन्होंने रुख बदल लिया है। 25 मार्च को बीकानेर दौरे के दौरान उन्होंने खुद को "फिर से सक्रिय राजनीति में लौटने" की घोषणा की थी। वहीं, कोटा में उन्होंने साफ कहा कि अब वे पूरी तरह सरकार के साथ हैं और बतौर कृषि मंत्री काम करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि है और कोई भी मंत्री खुलकर सरकार के खिलाफ नहीं बोल सकता। भाजपा नेतृत्व ने मीणा को यह स्पष्ट संकेत दिया कि अगर वे बागी तेवर जारी रखते हैं, तो उनका मंत्री पद खतरे में पड़ सकता है। पार्टी ने साफ कर दिया कि या तो वे बयानबाजी बंद करें या फिर अपने भविष्य की चिंता करें। इससे मीणा को भी एहसास हुआ कि अगर वे पार्टी के खिलाफ जाते हैं, तो उनकी सियासी जमीन खिसक सकती है।
डोटासरा ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा,
"इन्हें सिर्फ हिंदू-मुस्लिम करना है। आरएसएस का यही एजेंडा है। जो असली मुद्दे हैं, उन पर कोई बात नहीं हो रही। एक तरफ पीएम मोदी ईद पर मुफ्त किट बांट रहे हैं और दूसरी तरफ ऐसा वक्फ संशोधन बिल लाया जा रहा है, जिसकी जरूरत 70 साल में किसी सरकार को महसूस नहीं हुई।"
राजस्थान की राजनीति में नए समीकरण बनते-बिगड़ते रहेंगे। किरोड़ी लाल मीणा की वापसी सरकार के लिए राहतभरी हो सकती है, लेकिन कांग्रेस भी अपनी रणनीति तैयार कर रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले चुनावों में ये बदलाव किस ओर लेकर जाएंगे।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.