राजस्थान : के ‘लेक सिटी’ उदयपुर की खूबसूरत झीलें अब सुसाइड स्पॉट में बदलती जा रही हैं। बीते 24 घंटे में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे झीलों में डूबकर मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय लोग अब सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और गार्ड तैनात करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
सिविल डिफेंस के आंकड़ों के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक 8 लोगों ने झीलों में कूदकर आत्महत्या कर ली है। सबसे ज्यादा मौतें फतहसागर झील में हो रही हैं, जो उदयपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल है।
मंगलवार शाम को जालोर निवासी युवक ने बोटिंग के दौरान लाइफ जैकेट उतारकर पानी में छलांग लगा दी।
SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें 42 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
युवक की तलाश के दौरान झील में एक युवती का शव भी मिला, जिससे प्रशासन और पुलिस सकते में आ गई।
युवती की मौत आत्महत्या थी या हादसा? पुलिस कर रही जांच।
झीलों में बढ़ती मौतों पर स्थानीय लोग नगर निगम पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश कोई ठोस जवाब देने से बच रहे हैं।
एसपी योगेश गोयल का कहना है कि पुलिस पेट्रोलिंग करती है, लेकिन यह नगर निगम के अधिकार क्षेत्र का मामला है।
लोगों की मांग है कि झीलों के किनारे गार्ड और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
शहर के युवक सिद्धार्थ सोनी ने कहा,
"नगर निगम की लापरवाही के कारण झीलों के किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। फतहसागर को मौत का सागर बना दिया गया है।"
स्थानीय लोगों की मांग:
झीलों के किनारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
मुख्य प्वाइंट्स पर 24×7 गार्ड तैनात किए जाएं।
जलाशयों की नियमित निगरानी की जाए।
क्या झीलों में बढ़ती मौतों को रोकने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा?
क्या नगर निगम और पुलिस मिलकर सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करेंगे?
क्या झीलों के किनारों पर बैरिकेडिंग और गार्ड तैनात किए जाएंगे?
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