धौलपुर। कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा की कोठी के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार (4 अप्रैल) को बड़ा हंगामा हो गया। प्रशासनिक टीम द्वारा डाकखाना चौराहे के पास अतिक्रमण हटाया जा रहा था, जब बुलडोजर विधायक की कोठी के पास पहुंचा तो उनके चाचा प्रदीप बोहरा समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई रुकवाने की कोशिश की।
जिला कलेक्टर निधि बीटी ने जब माहौल शांत करने की कोशिश की, तो एक समर्थक ने उनका गिरेबान पकड़ लिया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मौके पर भारी हंगामा हो गया, जिसे कलेक्टर के बॉडीगार्ड ने तत्काल संभाला और समर्थकों को पीछे किया।
हंगामे की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दोबारा शुरू की गई। घटना के बाद प्रदीप बोहरा कोठी के अंदर चले गए।
विधायक रोहित बोहरा से जब संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
प्रदीप बोहरा ने कहा कि "धक्का-मुक्की की जानकारी नहीं है, अंधेरे में किसी समर्थक से गलती हुई होगी।"
वहीं, कलेक्टर निधि बीटी ने कहा कि “कार्रवाई शहर में जलभराव की गंभीर समस्या के समाधान के लिए जरूरी थी, लेकिन कुछ लोगों ने इसे बाधित किया।”
धौलपुर में बारिश के समय जलभराव एक बड़ी समस्या बन चुका है। प्रशासन ने इससे निपटने के लिए अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू की थी। बुलडोजर जैसे ही विधायक के निवास के पास पहुंचा, मामला राजनीतिक रंग पकड़ गया।
यह घटना राजनीतिक हस्तक्षेप बनाम प्रशासनिक कार्रवाई की एक और मिसाल बन गई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस घटना को लेकर क्या कार्रवाई करता है और क्या किसी पर मामला दर्ज होता है या नहीं।
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