जयपुर: राजस्थान सरकार ने सहकारिता एक्ट के तहत गृह निर्माण सोसाइटियों पर कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि कई हाउसिंग सोसाइटी अपने सदस्यों को मूलभूत सुविधाएं देने में विफल रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसीलिए अब सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।
राजस्थान सरकार ने सहकारिता विभाग को निर्देश दिया है कि वह गृह निर्माण सोसाइटियों की नियमित जांच करे और यह सुनिश्चित करे कि वे अपने सदस्यों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं या नहीं।
जो सोसाइटियां जल आपूर्ति, सड़क, सीवरेज, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं देने में नाकाम साबित होंगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई सोसाइटी वर्षों से प्लॉट धारकों को कब्जा नहीं दे रही हैं, ऐसे मामलों की जांच होगी।
यदि कोई हाउसिंग सोसाइटी अनियमितता करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माने और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
सोसाइटी के रजिस्ट्रेशन नियमों में भी बदलाव किए जा सकते हैं, जिससे भविष्य में कोई गड़बड़ी न हो।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।
लोगों को समय पर उनके प्लॉट और घरों का कब्जा मिलेगा।
सोसाइटियों को बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी।
अगर कोई गड़बड़ी होगी, तो सरकार सीधे हस्तक्षेप करेगी और कार्रवाई होगी।
सहकारिता विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार जनता को जागरूक करने के लिए भी अभियान शुरू करेगी। लोगों को बताया जाएगा कि वे किन-किन अधिकारों का दावा कर सकते हैं और यदि कोई सोसाइटी उन्हें सुविधाएं देने में आनाकानी करे, तो वे इसकी शिकायत कहां कर सकते हैं।
राज्य सरकार जल्द ही एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करेगी, जहां लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। साथ ही, सभी हाउसिंग सोसाइटियों को सरकार के नए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
राजस्थान सरकार का यह कदम हजारों घर खरीदारों के लिए राहत लेकर आ सकता है। अब हाउसिंग सोसाइटियों को अपनी जिम्मेदारियों को निभाना ही होगा, वरना उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
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