Download App Now Register Now

जयपुर में ट्रैफिक सिपाही नहीं काट सकेंगे चालान, अब सिर्फ ट्रैफिक इंस्पेक्टर और बड़े अधिकारी ही कर सकेंगे कार्रवाई

जयपुर: राजधानी जयपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब ट्रैफिक सिपाही सामान्य वाहनों का चालान नहीं काट सकेंगे। यह अधिकार केवल ट्रैफिक इंस्पेक्टर और उससे उच्च पद के अधिकारियों को दिया गया है। इस निर्णय से आम जनता को अनावश्यक चालान से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर और अधिक सख्ती बरती जाएगी।

क्या है नया नियम?

जयपुर पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक नियमों के पालन और जुर्माने की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए यह नया नियम लागू किया है। इसके तहत:

  • ट्रैफिक सिपाही केवल यातायात व्यवस्था संभालेंगे लेकिन चालान नहीं काट सकेंगे।
  • चालान काटने का अधिकार केवल ट्रैफिक इंस्पेक्टर, डीएसपी और उससे वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया है
  • किसी भी वाहन चालक को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाने पर इंस्पेक्टर या उच्च अधिकारी को रिपोर्ट करनी होगी, जिसके बाद ही कार्रवाई होगी।

इस फैसले के पीछे की वजह

इस बदलाव के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं:

  1. अनावश्यक चालान रोकना: कई बार ट्रैफिक सिपाहियों पर गलत तरीके से चालान काटने के आरोप लगते रहे हैं। नए नियम से यह समस्या कम होगी।
  2. भ्रष्टाचार पर लगाम: कई मामलों में सड़क पर ट्रैफिक सिपाहियों द्वारा वसूली की शिकायतें मिलती थीं। अब केवल उच्च अधिकारियों को यह अधिकार देने से पारदर्शिता बढ़ेगी।
  3. व्यवस्था में सुधार: अब ट्रैफिक पुलिसकर्मी केवल यातायात नियंत्रण पर ध्यान देंगे, जिससे सड़कों पर जाम और अव्यवस्था की स्थिति कम होगी।

क्या बोले पुलिस अधिकारी?

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नियम से लोगों को राहत मिलेगी और ट्रैफिक व्यवस्था पहले से ज्यादा व्यवस्थित होगी। पुलिस इस बदलाव को ट्रायल बेस पर लागू कर रही है और अगर यह सफल रहा तो इसे स्थायी रूप से लागू किया जाएगा।

क्या होगा असर?

  • वाहन चालकों को बेवजह चालान से राहत मिलेगी
  • ट्रैफिक सिपाही केवल यातायात नियंत्रण पर फोकस कर सकेंगे
  • गलत तरीके से पैसे वसूली की घटनाओं में कमी आने की संभावना है

निष्कर्ष

जयपुर में ट्रैफिक नियमों को बेहतर बनाने के लिए यह एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यह फैसला व्यवहार में कितना कारगर साबित होता है और ट्रैफिक व्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ता है।

Written By

Monika Sharma

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
Rajasthan: 'मैं डिप्टी CM का बेटा बोल रहा हूं, सस्पेंड करवा दूंगा' CI के पास आया कॉल, पुलिस ने नंबर खंगाला तो यह पता चला | Jaipur Collectorate Bomb threat: जयपुर कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी, एंटी टेररिस्ट स्क्वाड मौके पर पहुंची | Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल पर बोले गहलोत- इसकी कोई जरूरत नहीं, अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही सरकार | पत्नी का मुंह बांधा फिर काटा गला, इसलिए लाश के साथ 3 दिन सोता रहा पति, ऐसी दरिंदगी...खड़े कर देगी रोंगटे | Akhilesh Yadav vs Amit Shah: 'आप 20-25 साल और अध्यक्ष रहेंगे', अखिलेश यादव के तंज पर अमित शाह ने ऐसे ली चुटकी | Waqf Bill: जदयू बोला- विधेयक मुस्लिम विरोधी, ये नैरेटिव गलत; शिवसेना-यूबीटी ने बताया जमीन हड़पने वाला बिल | Rajasthan: निवेशकों से मांगी जा रही शिकायत, लॉन्च हुआ ऐप- राजस्थान दिवस पर CM भजनलाल की बड़ी घोषणाएं | टोंक में ईद के जुलूस पर विवाद, पुलिस और नमाजियों में नोकझोंक | सीकर में नशीला पदार्थ पिलाकर युवती का किडनैप, जयपुर में जबरदस्ती शादी और रेप का आरोप | सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने सपरिवार प्रधानमंत्री मोदी से की शिष्टाचार भेंट, ‘अटल नमो पथ’ पुस्तक भेंट की |