नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा उस समय गरमा गई जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन में लद्दाख गतिरोध और चीन का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी के एक बयान के बाद सदन में इतना हंगामा हुआ कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह को हस्तक्षेप करना पड़ा।
राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान कहा,
“चीनी सेना का टैंक भारतीय सीमा में घुस रहा था।”
उनके इतना कहते ही लोकसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। सत्ता पक्ष के सांसद अपनी सीटों से उठ खड़े हुए और राहुल गांधी के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया गया।
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,
“जिस पुस्तक का आप उल्लेख कर रहे हैं, उसका प्रकाशन ही नहीं हुआ है। आप उसे सदन में कैसे मेंशन कर सकते हैं?”
इस पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा,
“यह 100 परसेंट ऑथेंटिक है।”
हालांकि इसके बाद भी सत्ता पक्ष का विरोध थमता नहीं दिखा और राहुल गांधी के भाषण के दौरान लगातार टोका-टाकी होती रही।
गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा,
“आरोप लगाने से पहले चेतावनी देनी पड़ती है। अगर कोई तथ्य सदन में रखा जा रहा है तो उसे नियमों के तहत रखना चाहिए।”
अमित शाह ने यह भी कहा कि राहुल गांधी जिस किताब का हवाला दे रहे हैं, वह प्रकाशित ही नहीं हुई है, ऐसे में उसे कोट करना संसदीय नियमों के खिलाफ है।
दरअसल राहुल गांधी ने अपने भाषण में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की एक किताब का हवाला दिया था, जिस पर The Caravan मैगजीन में एक लेख प्रकाशित हुआ है।
इस पर राजनाथ सिंह ने चुनौती देते हुए कहा,
“मैं चाहता हूं कि विपक्ष के नेता वह किताब सदन में पेश करें, क्योंकि जिस किताब को कोट किया जा रहा है, वह अभी प्रकाशित नहीं हुई है।”
इसके बाद अमित शाह ने भी कहा कि राहुल गांधी खुद मान चुके हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई, तो फिर उसे सदन में कैसे उद्धृत किया जा सकता है।
हंगामे के बीच राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कहा,
“अगर मैं किताब को कोट नहीं कर सकता, तो क्या उसे डिस्क्राइब भी नहीं कर सकता?”
इस पर स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत ऐसा भी नहीं किया जा सकता, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शोर और तेज हो गया।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा,
“कौन देशभक्त है और कौन नहीं, इस पर कोई बहस नहीं होनी चाहिए। हमारी देशभक्ति खत्म नहीं हुई है।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर लद्दाख मुद्दे को लेकर पारदर्शिता न रखने का आरोप भी लगाया।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोकसभा पहुंचे। उनके सदन में प्रवेश करते ही सत्तापक्ष के सांसदों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए, जिससे सदन का माहौल और ज्यादा राजनीतिक हो गया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार:
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कुल 18 घंटे की चर्चा
चर्चा तीन दिनों में पूरी होगी
एनडीए को लगभग 55 प्रतिशत समय
प्रधानमंत्री मोदी 4 फरवरी को लोकसभा में जवाब देंगे
राज्यसभा में प्रधानमंत्री का जवाब 5 फरवरी को प्रस्तावित है
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी का चीन और लद्दाख पर दिया गया बयान लोकसभा में बड़े राजनीतिक टकराव का कारण बन गया। एक ओर विपक्ष सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष राहुल गांधी पर तथ्यहीन आरोप लगाने का आरोप लगा रहा है। अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब पर टिकी हैं, जो इस बहस को नई दिशा दे सकता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.