मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अहम माने जा रहे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों का रिजल्ट आज घोषित किया जाएगा। मतगणना सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है। इन चुनावों में राज्य की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों की कुल 1,462 सीटों के लिए मतदान कराया गया था। लगभग 2.08 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
जिला परिषद चुनावों में कुल 2,624 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि पंचायत समिति चुनावों में 4,814 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई। इस तरह कुल 7,438 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला आज होने जा रहा है।
जिन 12 जिला परिषदों में चुनाव हुए, उनमें रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर शामिल हैं। इन क्षेत्रों के नतीजों पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
ये चुनाव पहले 5 फरवरी को होने थे, लेकिन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु के बाद राज्य में तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया था। इसके चलते चुनाव कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। संशोधित शेड्यूल के अनुसार 7 फरवरी को मतदान कराया गया।
अजित पवार के निधन के बाद यह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए पहला बड़ा चुनाव माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन चुनावों के नतीजे NCP के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। परिणामों से दिवंगत अजित पवार गुट और पार्टी संस्थापक शरद पवार से जुड़े गुट की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी संकेत मिलेंगे।
चुनावों में एक अहम पहलू यह भी रहा कि दोनों NCP गुटों ने अपनी वर्षों पुरानी प्रतिद्वंद्विता को एक ओर रखते हुए पुणे, सतारा, सोलापुर और सांगली जैसे क्षेत्रों में अनौपचारिक गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा। इन क्षेत्रों में दोनों पक्षों के उम्मीदवारों ने मूल घड़ी चुनाव चिन्ह के साथ चुनावी मैदान में उतरकर ताकत आजमाई।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को अजित पवार का एक विमान हादसे में निधन हो गया था। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य सहित कुल पांच लोगों की जान चली गई थी। उस दिन वे जिला परिषद चुनावों के प्रचार के लिए पुणे में कई रैलियों को संबोधित करने वाले थे।
महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के नतीजे केवल स्थानीय सत्ता का फैसला नहीं करेंगे, बल्कि राज्य की राजनीति और खासतौर पर NCP के भविष्य की दिशा भी तय कर सकते हैं। अजित पवार के निधन के बाद बदले राजनीतिक हालात में ये परिणाम सभी दलों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.