बांदीकुई। डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच बांदीकुई शहर में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बडियाल रोड स्थित एक कचोरी विक्रेता के साथ अज्ञात बदमाशों ने बड़ी चालाकी से धोखाधड़ी कर दी। ठगों ने दुकान पर लगे असली भुगतान बारकोड के ऊपर अपना फर्जी बारकोड चिपका दिया, जिससे कई दिनों तक ग्राहकों द्वारा किया गया ऑनलाइन भुगतान सीधे ठगों के खाते में जाता रहा।
पीड़ित दुकानदार दौल्याराम सैनी ने बताया कि सोमवार दोपहर एक ग्राहक ने 40 रुपए का भुगतान करने के लिए दुकान पर लगे बारकोड को स्कैन किया। कुछ देर बाद जब भुगतान उनके खाते में नहीं पहुंचा, तो उन्होंने बारकोड पर दर्ज नाम की जांच की। वहां किसी अन्य व्यक्ति का नाम देखकर उन्हें ठगी की आशंका हुई।
जांच करने पर सामने आया कि दुकान पर लगे तीन भुगतान बारकोड में से एक पर फर्जी QR कोड चिपकाया गया था। इसी को स्कैन कर रहे ग्राहक अनजाने में भुगतान ठगों के खाते में कर रहे थे। दुकानदार का कहना है कि यह धोखाधड़ी कई दिनों से चल रही थी, जिससे उन्हें हजारों रुपए के नुकसान की आशंका है।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फर्जी बारकोड को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी बारकोड किस खाते से जुड़ा है और इस साइबर ठगी में कौन लोग शामिल हैं।
यह मामला दर्शाता है कि किस तरह साइबर ठग अब छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को निशाना बना रहे हैं। डिजिटल भुगतान के प्रति जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर ठग बिना किसी शक के लंबे समय तक रकम ऐंठते रहते हैं।
पुलिस ने दुकानदारों से अपील की है कि वे नियमित रूप से अपने QR कोड की जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
बांदीकुई का यह मामला साइबर अपराध की नई और खतरनाक रणनीति को उजागर करता है, जिसमें बिना तकनीकी हैकिंग के केवल फर्जी बारकोड चिपकाकर हजारों रुपए की ठगी की जा रही है। यह घटना डिजिटल भुगतान करने वाले दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी है।
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