जयपुर: जिले में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। पंच गौरव योजना के अंतर्गत “एक जिला–एक उपज” के रूप में आंवला को प्रोत्साहित करने के लिए 13 फरवरी को दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में जिला स्तरीय आंवला क्रेता–विक्रेता सम्मेलन एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। यह आयोजन जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में संपन्न होगा।
इस सम्मेलन का उद्देश्य आंवला उत्पादकों को सीधे बाजार से जोड़ना, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना और कृषि आधारित उद्यमिता को नई पहचान दिलाना है। कार्यक्रम में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों से 700 से अधिक किसान, क्रेता, व्यापारी, एफपीओ प्रतिनिधि और कृषि उद्यमी भाग लेंगे।
सम्मेलन किसानों, व्यापारियों और प्रसंस्करण इकाइयों के बीच संवाद का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। यहां आंवला उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और ब्रांडिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। इससे उत्पादकों को अपने उत्पाद के लिए बेहतर मूल्य और स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को बाजार से सीधे जोड़ा जाए और उन्हें मूल्यवर्धन की तकनीकों की जानकारी मिले, तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। यही इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भी है।
मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि कार्यक्रम में जयपुर जिले की पंच गौरव उपजों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में पारंपरिक कृषि उत्पादों के साथ उनके मूल्यवर्धित स्वरूप को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार विस्तार को बल मिलेगा।
उद्यानिकी विभाग के उपनिदेशक श्री हरलाल सिंह बिजारनियां ने जानकारी दी कि प्रदर्शनी में आंवला से बने विभिन्न उत्पाद जैसे मुरब्बा, कैंडी, जूस, चूर्ण और औषधीय उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक कृषि उपकरण, प्रसंस्करण तकनीक, पैकेजिंग, भंडारण और गुणवत्ता सुधार से जुड़े नवाचार भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी विशेषज्ञ किसानों को उन्नत उत्पादन तकनीकों, बेहतर किस्मों, कीट एवं रोग प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और बाजार रणनीतियों की जानकारी देंगे। साथ ही प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और लघु उद्योगों से जुड़ने के अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी।
इससे न केवल आंवला उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित लघु उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पंच गौरव योजना के तहत “एक जिला–एक उपज” की अवधारणा का उद्देश्य प्रत्येक जिले की विशिष्ट कृषि उपज को पहचान दिलाना और उसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। जयपुर में आंवला को इस योजना के अंतर्गत प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन की यह पहल योजना को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और विपणन की पूरी श्रृंखला से जोड़ा जाएगा।
जयपुर में आयोजित होने वाला आंवला क्रेता–विक्रेता सम्मेलन किसानों के लिए आमदनी की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित हो सकता है। 700 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी वाला यह आयोजन कृषि आधारित उद्यमिता, मूल्य संवर्धन और बाजार विस्तार को नई गति देगा। पंच गौरव योजना के तहत यह पहल जयपुर जिले को कृषि नवाचार और किसान समृद्धि के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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