जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी पहल एवं परिणामोन्मुख शासन की प्रतिबद्धता के तहत एक जिला-एक वनस्पति प्रजाति अभियान को नई गति मिली है। इसी क्रम में जयपुर जिले में लिसोड़ा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रोत्साहन हेतु जिला प्रशासन द्वारा बहुआयामी एवं संरचित प्रयास किए जा रहे हैं।
यह पहल केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ीकरण का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में 1 लाख 20 हजार लिसोड़ा पौधे वन विभाग की नर्सरियों में तैयार कर जुलाई-सितंबर 2025 के मध्य जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 485 पंचायत पौधशालाओं में भी लिसोड़ा के पौधे विकसित कर रोपित किए गए।
प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगरपरिषद और नगरपालिका क्षेत्र में 100-100 लिसोड़ा पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया, और इसके लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव आमंत्रित किए गए। कुल 110.34 हेक्टेयर भूमि पर सघन पौधरोपण किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और स्थानीय आय में वृद्धि के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
मुख्य आयोजन अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि पंच गौरव योजना के तहत राज्य सरकार ने 90 लाख रुपये का बजट आवंटित किया।
लिसोड़ा संरक्षण, पौधरोपण और जागरूकता गतिविधियों पर बल
फ्लेक्स, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार
स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 10 लाख रुपये का प्रावधान, जिससे लिसोड़ा आधारित उत्पादों के माध्यम से आजीविका के अवसर मिलें
इसके अलावा 25 लाख रुपये लिसोड़ा के ब्रांड बिल्डिंग, उत्पाद पैकेजिंग, रिटेल एवं ऑनलाइन प्रचार-प्रसार के लिए निर्धारित किए गए।
वन विभाग की नर्सरियों को सुदृढ़ बनाने हेतु 40 लाख रुपये की व्यवस्था की गई। इसमें शामिल हैं:
नर्सरी निर्माण
वर्मीकम्पोस्ट बेड
फव्वारा प्रणाली
शेड नेट हाउस
मदर बेड, सीड स्टोर और फेंसिंग निर्माण
इन प्रयासों से गुणवत्तापूर्ण और स्वस्थ पौधे आमजन को उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
लिसोड़ा के सघन विकास से जयपुर जिले में सतत विकास लक्ष्यों एवं हरित बजट की अवधारणा को साकार करने में मदद मिलेगी।
वन विभाग द्वारा कार्यशालाओं और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लिसोड़ा की औषधीय, पर्यावरणीय और आर्थिक उपयोगिता के बारे में आमजन को अवगत कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जयपुर जिला प्रशासन द्वारा पंच गौरव योजना के माध्यम से लिसोड़ा को पहचान दिलाने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में निरंतर, सुनियोजित और परिणामकारी प्रयास किए जा रहे हैं।
जयपुर में लिसोड़ा संरक्षण अभियान केवल पर्यावरणीय पहल नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका सृजन और आर्थिक सुदृढ़ीकरण का आदर्श मॉडल बन चुका है। पंचायतों, महिला SHG और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्त्रोत सिद्ध हो रही है। सतत विकास, हरित आवरण और आर्थिक सशक्तिकरण का संगम इस अभियान को पंच गौरव योजना का प्रतीक बना रहा है।
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