जयपुर। राजस्थान में सोमवार को शिक्षक भर्ती लेवल-2 परीक्षा की पहली पारी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, लेकिन इस दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्थाएं भी सामने आईं। राज्य के 14 जिलों में बनाए गए 182 परीक्षा केंद्रों पर पहली पारी की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित की गई।
दूसरी पारी की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5:30 बजे तक होनी है, जिसके लिए 560 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 1 बजे से अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू कर दी गई।
कोटा के एक परीक्षा केंद्र पर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए व्हीलचेयर या अन्य विशेष सुविधा की व्यवस्था नहीं पाई गई। झालावाड़ के झालरापाटन से परीक्षा देने पहुंचे दिव्यांग अभ्यर्थी विकास को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
व्हीलचेयर की व्यवस्था न होने के कारण परिजनों को ही अभ्यर्थी को सहारा देकर परीक्षा केंद्र के अंदर तक छोड़ना पड़ा। इस घटना ने परीक्षा केंद्रों पर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया।
पहली पारी की परीक्षा में सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। सुबह 9 बजे ही अधिकांश केंद्रों पर गेट बंद कर दिए गए थे और इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
अजमेर के रामनगर स्थित परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की जूते-मोजे खुलवाकर जांच की गई। वहीं महिला अभ्यर्थियों के स्टोल और दुपट्टे उतरवाकर चेकिंग की गई।
जयपुर के सुभाष चौक स्थित परीक्षा केंद्र पर महिला अभ्यर्थियों को ज्वेलरी उतारने के बाद ही प्रवेश दिया गया। इस दौरान महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई गई थीं।
अजमेर और कोटा सहित कई केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
उदयपुर के रेजीडेंसी स्कूल मधुवन परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी लेट पहुंचने के कारण परीक्षा देने से वंचित रह गया। डबोक गांव से आए अभ्यर्थी ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए स्टाफ से काफी अनुरोध किया, लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के कारण उसे अनुमति नहीं दी गई।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार, लेवल-1 की परीक्षा 17 जनवरी को आयोजित हो चुकी है, जबकि लेवल-2 की परीक्षाएं 18 जनवरी से शुरू होकर 20 जनवरी तक चलेंगी।
इन चार दिनों में कुल 9 लाख 54 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सोमवार को पहली पारी में करीब 53 हजार और दूसरी पारी में 1 लाख 73 हजार 200 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। यह परीक्षा कुल 7,759 पदों के लिए आयोजित की जा रही है।
पहली पारी की परीक्षा देकर बाहर आए कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि इंग्लिश विषय का पेपर अपेक्षाकृत कठिन था। विशेष रूप से इंग्लिश ग्रामर के प्रश्नों ने कई उम्मीदवारों को परेशान किया।
शिक्षक भर्ती लेवल-2 परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था तो सख्त रही, लेकिन दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी और कुछ केंद्रों पर अत्यधिक सख्ती ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। आने वाली परीक्षाओं में पारदर्शिता के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता और समुचित व्यवस्थाओं की भी उतनी ही आवश्यकता है।
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