राजधानी: जयपुर से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों में भरोसे और लालच की खतरनाक तस्वीर पेश कर दी है। गलतागेट थाना पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए उसके ही साथी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह हत्या अचानक नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के तहत की गई थी। आरोपी ने न केवल अपने साथी की बेरहमी से हत्या की, बल्कि उसके बाद उसके अंगूठे का इस्तेमाल कर बैंक खाते से हजारों रुपए भी ट्रांसफर कर लिए।
इस पूरे मामले की जानकारी सचिन मित्तल ने दी। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान प्रदीप कुमार यादव उर्फ कन्हैया (27) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले का रहने वाला है और जयपुर में जैन नसिया पार्किंग में गार्ड की नौकरी करता था।
मृतक प्रमोद (51) भी आरोपी का साथी गार्ड था और दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्रदीप को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खेलने की लत थी।
करीब 5-6 दिन पहले वह सट्टे में करीब 5 हजार रुपए हार गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने प्रमोद से 2 हजार रुपए उधार मांगे, लेकिन प्रमोद ने पैसे देने से इनकार कर दिया।
यही बात आरोपी को इतनी नागवार गुजरी कि उसने मन में रंजिश पाल ली और हत्या की योजना बना डाली।
डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा के अनुसार, प्रमोद अपने साथी प्रदीप पर भरोसा करता था। वह ऑनलाइन बैंकिंग का ज्यादा ज्ञान नहीं रखता था, इसलिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए अक्सर प्रदीप की मदद लेता था।
इसी वजह से आरोपी को यह जानकारी थी कि प्रमोद के बैंक खाते में पर्याप्त रकम है।
पुलिस के मुताबिक, घटना रविवार सुबह करीब 4 बजे की है। आरोपी प्रदीप गार्ड रूम में पहुंचा, जहां प्रमोद सो रहा था।
उसने पत्थर से प्रमोद के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद भी आरोपी नहीं रुका और उसने एक और खौफनाक कदम उठाया।
हत्या के बाद आरोपी ने मृतक का मोबाइल फोन लिया और उसके अंगूठे का इस्तेमाल कर फोन को अनलॉक किया। इसके बाद ऑनलाइन पेमेंट ऐप के जरिए करीब 29 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए।
यह वारदात न केवल हत्या बल्कि डिजिटल धोखाधड़ी का भी गंभीर उदाहरण बन गई है।
हत्या के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए चालाकी भी दिखाई। वह पुलिस जांच के दौरान आसपास ही मौजूद रहा और जांच की हर गतिविधि पर नजर रखता रहा, ताकि शक उससे दूर रहे।
हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच में यह सामने आया कि मृतक के खाते से जो पैसे ट्रांसफर हुए, वे आरोपी के खाते में गए हैं।
जब पुलिस ने ट्रांजैक्शन की डिटेल खंगाली, तो आरोपी का नाम सामने आया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
थानाधिकारी धर्म सिंह के अनुसार, आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल अपने पास छिपा लिया था और सिम कार्ड निकालकर पानी की टंकी में फेंक दिया था।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मोबाइल और सिम कार्ड बरामद कर लिया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।
यह घटना केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किस तरह अपराधी डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर अपराध को और गंभीर बना रहे हैं।
ऑनलाइन सट्टा, कर्ज और लालच का यह खतरनाक मिश्रण एक निर्दोष व्यक्ति की जान ले गया।
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