राजधानी: जयपुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान देखने को मिला, जब जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने इमली फाटक और सीकर रोड क्षेत्र में करोड़ों की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत की गई, जिसने अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा दिया।
JDA की इस बड़ी कार्रवाई में सहकार मार्ग स्थित इमली फाटक के पास करीब 3500 वर्गगज जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 60 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह भूमि मूल रूप से पार्क के लिए आरक्षित थी, जिस पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया हुआ था।
प्रवर्तन दस्ते ने मौके पर पहुंचकर बांस-तंबू, झुग्गी-झोपड़ी, टीनशेड, तिरपाल और अन्य अस्थायी ढांचों को हटाया। साथ ही वहां रखे फर्नीचर, लोहे के सामान और ट्री गार्ड जैसी वस्तुओं को भी हटाया गया। यह पूरी कार्रवाई राजस्व और तकनीकी टीम की निशानदेही पर की गई।
उप महानिरीक्षक पुलिस आनंद शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार और पूर्व सूचना के आधार पर की गई। मजदूरों और मशीनों की मदद से पूरे क्षेत्र को साफ किया गया और जमीन को पुनः सरकारी कब्जे में लिया गया।
JDA की टीम ने इसके बाद जोन-17 में सीकर रोड स्थित टांटिया बास और टोल टैक्स के पास भी करीब 1000 वर्गगज जमीन पर अवैध कब्जे हटाए। यहां प्लॉट नंबर 28, 29 और 30 पर बाउंड्रीवाल और टीनशेड बनाकर अतिक्रमण किया गया था। प्रवर्तन अधिकारी की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों के जरिए इन निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह जमीन JDA की राजारामपुरा योजना के अंतर्गत आती है, जिसे अब पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है।
इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार JDA लगातार ऐसे अभियान चला रहा है, जिससे शहर में सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा मिले।
मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन शिल्पा चौधरी के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। इसमें उपनियंत्रक, प्रवर्तन अधिकारी, राजस्व अधिकारी और तकनीकी स्टाफ ने मिलकर पूरी योजना को अंजाम दिया।
JDA ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध कब्जा या निर्माण दिखे तो तुरंत इसकी सूचना दें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0141-2565800, 0141-2575252 और 181 राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। साथ ही ईमेल के जरिए भी शिकायत भेजी जा सकती है।
प्राधिकरण का कहना है कि जनता के सहयोग से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है और शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से शहर के मास्टर प्लान को लागू करने में मदद मिलेगी और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जमीन उपलब्ध हो सकेगी। पार्क, सड़क और अन्य सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स के लिए यह जमीन बेहद महत्वपूर्ण है।
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