जयपुर: में गैस कनेक्शन को लेकर बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने ‘एक घर-एक गैस कनेक्शन’ की नीति को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत जिन घरों में पाइप नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन मौजूद है, उन्हें अगले तीन महीनों के भीतर अपना एलपीजी (LPG) कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा।
यह निर्देश कलेक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में गैस आपूर्ति की स्थिति, एलपीजी की उपलब्धता और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन का मानना है कि डबल गैस कनेक्शन की वजह से एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही।
दरअसल, शहर में बड़ी संख्या में ऐसे घर हैं जहां PNG और LPG दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। इससे एक ओर एलपीजी की मांग कृत्रिम रूप से बढ़ जाती है, वहीं दूसरी ओर संसाधनों का असमान वितरण होता है। प्रशासन का कहना है कि इस स्थिति को सुधारने के लिए यह कदम जरूरी है।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि PNG गैस एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक है। ऐसे में जिन घरों में पहले से PNG उपलब्ध है, वहां LPG कनेक्शन बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है।
प्रशासन ने इस नियम को लागू करने के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की है। इस दौरान लोगों को स्वेच्छा से अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। यदि तय समयसीमा के बाद भी किसी घर में डबल कनेक्शन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
संभावित कार्रवाई में कनेक्शन रद्द करना, जुर्माना या अन्य प्रशासनिक कदम शामिल हो सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने पहले चरण में लोगों को जागरूक करने और स्वेच्छा से नियम का पालन करने पर जोर दिया है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि शहर में PNG गैस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। गैस कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर PNG के फायदे और इसकी सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं।
रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी (RWA), मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स और अपार्टमेंट्स में सामूहिक रूप से PNG कनेक्शन को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे न केवल ऊर्जा का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
कलेक्टर ने गैस कंपनियों को यह भी निर्देश दिया कि नए PNG कनेक्शन देने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। कागजी औपचारिकताओं को कम कर लोगों को आसानी से कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
प्रशासन का उद्देश्य जयपुर को धीरे-धीरे स्वच्छ और आधुनिक ऊर्जा प्रणाली की ओर ले जाना है। PNG गैस को भविष्य की ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल सस्ती है बल्कि प्रदूषण भी कम करती है।
कलेक्टर संदेश नायक ने कहा कि एलपीजी पर निर्भरता कम करना समय की जरूरत है और PNG इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
जहां अभी PNG पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां भी तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन चाहता है कि शहर के अधिक से अधिक क्षेत्रों को जल्द से जल्द PNG नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
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