पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र ‘भरोसे का पत्र’ जारी कर दिया है। इस घोषणा पत्र में महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े आर्थिक वादे किए गए हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
घोषणा पत्र जारी करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में बंगाल ने एक “बुरे सपने” जैसा समय देखा है और अब राज्य को बदलाव की जरूरत है। भाजपा ने अपने वादों के जरिए सीधे तौर पर महिलाओं, युवाओं और किसानों को साधने की कोशिश की है।
भाजपा के घोषणा पत्र की सबसे बड़ी घोषणा महिलाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता देना है। पार्टी ने कहा है कि सरकार बनने पर हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
इसके अलावा बेरोजगार युवाओं को भी ₹3000 प्रति माह देने का वादा किया गया है, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके। यह योजना खासतौर पर उन युवाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो नौकरी की तलाश में हैं।
भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में सत्ता में आने के 6 महीने के भीतर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने का वादा किया है। पार्टी का कहना है कि सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए।
इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए 45 दिनों के भीतर सातवां वेतनमान लागू करने और सभी बकाया डीए देने की भी घोषणा की गई है।
किसानों के लिए ₹3100 प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदने का वादा किया गया है, ताकि उन्हें बेहतर कीमत मिल सके। वहीं राज्य में 4 नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप बसाने और MSME सेक्टर को बढ़ावा देने की बात भी कही गई है।
भाजपा ने महिला सुरक्षा को लेकर भी कई अहम वादे किए हैं। पुलिस बल सहित सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33% आरक्षण देने की घोषणा की गई है।
हर मंडल में महिला थाना और महिला डेस्क स्थापित करने के साथ-साथ एक विशेष महिला सुरक्षा स्क्वॉड बनाने की बात कही गई है।
इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को ₹21,000 की सहायता और 6 पोषण किट देने का वादा किया गया है। राज्य संचालित बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी।
घोषणा पत्र में भाजपा ने घुसपैठ और कानून व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाया है। Amit Shah ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर घुसपैठियों को “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” किया जाएगा।
इसके अलावा पार्टी ने TMC सरकार के कथित भ्रष्टाचार पर श्वेत पत्र जारी करने और दोषियों को सजा दिलाने का भी वादा किया है।
भाजपा के इन वादों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। नॉर्थ 24 परगना में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा—“सांप पर भी भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं।”
उन्होंने भाजपा पर बाहरी लोगों को लाकर चुनाव प्रभावित करने का आरोप भी लगाया और कहा कि पार्टी को स्थानीय लोगों के समर्थन पर भरोसा नहीं है।
इस बीच चुनावी समीकरण में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Asaduddin Owaisi की पार्टी AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ दिया है। अब AIMIM बंगाल चुनाव अकेले लड़ेगी।
इस फैसले से मुस्लिम वोट बैंक में बिखराव की संभावना बढ़ गई है, जिसका असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
इस बार का चुनाव भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है, जिसमें दोनों ही पार्टियां पूरी ताकत झोंक रही हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र के जरिए बड़ा दांव खेला है। ₹3000 मासिक सहायता, UCC लागू करने का वादा और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में आ गए हैं। वहीं ममता बनर्जी के तीखे हमलों से यह साफ है कि मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन वादों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच किसे चुनती है।
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