भारतीय: क्रिकेट टीम के उभरते सितारे Rinku Singh के परिवार से जुड़ी एक भावुक और चिंताजनक खबर सामने आई है। उनके पिता खांचेन्द्र सिंह को गंभीर हालत में ग्रेटर नोएडा स्थित Yatharth Hospital में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें चौथे चरण (स्टेज-4) का लिवर कैंसर है और फिलहाल वे आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। हालांकि डॉक्टरों ने उनकी स्थिति “स्थिर” बताई है।
यह खबर ऐसे समय में आई जब रिंकू सिंह टी20 विश्व कप के अहम चरण में भारतीय टीम के साथ जुड़े हुए थे। पिता की गंभीर बीमारी की सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत टीम से अनुमति लेकर भारत लौटने का फैसला किया।
सूत्रों के अनुसार, खांचेन्द्र सिंह को तबीयत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल लाया गया था। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। सूचना मिलते ही रिंकू सिंह सुबह करीब 10 बजे अस्पताल पहुंचे। जैसे ही बेटे को सामने देखा, परिवार भावुक हो उठा।
रिंकू ने अस्पताल में कई घंटे पिता के साथ बिताए। उन्होंने डॉक्टरों से विस्तार से इलाज की जानकारी ली और स्वास्थ्य स्थिति को समझने की कोशिश की। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की व्यस्तता के बावजूद उनका यह कदम परिवार के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।
करीबी सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में रिंकू बेहद चिंतित नजर आए, लेकिन उन्होंने खुद को संभालते हुए परिवार को ढांढस बंधाया।
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, खांचेन्द्र सिंह को स्टेज-4 लिवर कैंसर है। यह बीमारी का अंतिम और गंभीर चरण माना जाता है, जिसमें कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।
डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। उन्हें आईसीयू में रखा गया है और सांस लेने में दिक्कत के कारण वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उन्हें किसी विशेष सुविधा के तहत नहीं, बल्कि एक आम मरीज की तरह भर्ती किया गया है।
यह जानकारी सामने आने के बाद खेल जगत और रिंकू के प्रशंसकों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खांचेन्द्र सिंह को एक सामान्य मरीज की तरह भर्ती किया गया है। उनके लिए किसी विशेष वीआईपी व्यवस्था की मांग नहीं की गई।
रिंकू सिंह ने भी मीडिया से दूरी बनाए रखी और परिवार की निजता को प्राथमिकता दी। उन्होंने अस्पताल के भीतर ही डॉक्टरों से मुलाकात कर स्थिति की समीक्षा की और परिजनों के साथ समय बिताया।
रिंकू सिंह क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच फिनिशिंग क्षमता के लिए जाने जाते हैं। लेकिन अस्पताल के गलियारे में वह एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि चिंतित बेटे के रूप में नजर आए।
परिवार के एक करीबी सदस्य ने बताया, “जब रिंकू अपने पिता के पास पहुंचे तो पूरा माहौल भावुक हो गया। मैदान पर छक्के मारने वाला बेटा आज पिता के सिरहाने खड़ा था।”
यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया।
पिता की स्थिति स्थिर होने की जानकारी मिलने के बाद रिंकू सिंह शाम करीब चार बजे भारतीय टीम से दोबारा जुड़ने के लिए रवाना हो गए। टी20 विश्व कप के सुपर-आठ चरण में भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ होना है।
सूत्रों के अनुसार, टीम प्रबंधन ने रिंकू को पूरा समर्थन दिया है और उन्हें पारिवारिक स्थिति को प्राथमिकता देने की छूट दी गई है।
एक ओर विश्व कप जैसा बड़ा मंच, दूसरी ओर पिता की गंभीर बीमारी—यह स्थिति किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती है। रिंकू सिंह के लिए यह समय भावनात्मक रूप से बेहद कठिन है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में खिलाड़ी का मानसिक संतुलन और भावनात्मक मजबूती अहम होती है। भारतीय टीम और प्रशंसक इस कठिन घड़ी में रिंकू और उनके परिवार के साथ खड़े हैं।
लिवर कैंसर का चौथा चरण बीमारी का उन्नत स्तर होता है। इस अवस्था में कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य अंगों में भी फैल सकती हैं। उपचार में कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और सहायक चिकित्सा शामिल हो सकती है।
डॉक्टरों की निगरानी और समय पर उपचार से मरीज की स्थिति को स्थिर रखा जा सकता है। फिलहाल अस्पताल ने खांचेन्द्र सिंह की हालत “स्थिर” बताई है, जो परिवार के लिए थोड़ी राहत की बात है।
रिंकू सिंह के पिता की बीमारी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने दुआओं और शुभकामनाओं की बाढ़ ला दी। कई क्रिकेट प्रेमियों ने लिखा कि “मैदान का हीरो आज असली जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा दे रहा है।”
टीम के साथी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने भी निजी तौर पर रिंकू को समर्थन दिया है।
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से खांचेन्द्र सिंह की तबीयत ठीक नहीं थी। अचानक हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
यह समय पूरे परिवार के लिए भावनात्मक और मानसिक रूप से कठिन है। हालांकि अस्पताल से मिली स्थिर स्थिति की खबर ने थोड़ी राहत जरूर दी है।
टी20 विश्व कप के बीच रिंकू सिंह के पिता की गंभीर बीमारी ने खिलाड़ी और उनके परिवार को गहरे भावनात्मक दौर से गुजरने पर मजबूर कर दिया है। स्टेज-4 लिवर कैंसर जैसी गंभीर स्थिति में आईसीयू और वेंटिलेटर पर भर्ती पिता के पास कई घंटे बिताकर रिंकू ने यह दिखाया कि क्रिकेट से बड़ा परिवार होता है। फिलहाल अस्पताल ने उनकी हालत स्थिर बताई है। पूरा देश रिंकू सिंह और उनके परिवार के लिए प्रार्थना कर रहा है कि वे इस कठिन समय से मजबूती के साथ बाहर निकलें।
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