भारतीय बैडमिंटन स्टार: PV Sindhu सुरक्षित भारत लौट आई हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान के ड्रोन हमलों के बीच वे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंस गई थीं। सिंधु बर्मिंघम में होने वाले प्रतिष्ठित All England Open में हिस्सा लेने जा रही थीं, लेकिन कनेक्टिंग फ्लाइट रद्द होने के कारण उन्हें दुबई में रुकना पड़ा।
30 वर्षीय सिंधु की दुबई से बर्मिंघम के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट थी। इसी दौरान क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और ड्रोन अटैक की घटनाओं के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में यात्री दुबई एयरपोर्ट पर फंस गए। सिंधु भी उन्हीं यात्रियों में शामिल थीं।
शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी और अनिश्चितता का माहौल देखा जा सकता था। उन्होंने बताया कि यात्री लगातार फ्लाइट अपडेट का इंतजार कर रहे थे और सभी के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही थी।
भारत लौटने के बाद सिंधु ने ट्वीट कर जानकारी दी कि पिछले कुछ दिन उनके लिए बेहद तनावपूर्ण रहे। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु पहुंचकर उन्हें बड़ी राहत महसूस हो रही है। सिंधु ने दुबई एयरपोर्ट प्रशासन, भारतीय उच्चायोग और स्थानीय सहायता कर्मियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस कठिन समय में उनकी मदद की।
उनकी सुरक्षित वापसी से खेल जगत और प्रशंसकों ने राहत की सांस ली है। बैडमिंटन समुदाय में उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही थी।
ऑल इंग्लैंड ओपन टूर्नामेंट आज से शुरू हो रहा है, लेकिन सिंधु इसमें हिस्सा नहीं ले पाएंगी। Badminton Association of India के सचिव Sanjay Mishra ने पुष्टि की कि यात्रा व्यवधान के कारण सिंधु ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया है।
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि सिंधु अगले सप्ताह होने वाले स्विस ओपन सुपर-300 टूर्नामेंट में भाग लेंगी। यह फैसला उनके शारीरिक और मानसिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि वे आगामी प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें।
ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन जगत का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट है। सिंधु अब तक इस प्रतियोगिता का खिताब नहीं जीत पाई हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2021 में रहा, जब वे सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। पिछले साल उनका अभियान पहले ही दौर में समाप्त हो गया था।
भारत को इस टूर्नामेंट में खिताब का इंतजार 2001 से है, जब Pullela Gopichand ने जीत दर्ज की थी। उनसे पहले Prakash Padukone ने 1980 में यह प्रतिष्ठित खिताब जीता था। इसके अलावा Saina Nehwal और Lakshya Sen जैसे खिलाड़ियों ने फाइनल तक पहुंचकर देश का गौरव बढ़ाया है, लेकिन खिताब नहीं जीत सके।
सिंधु की यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को वैश्विक परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ता है। यात्रा व्यवधान और सुरक्षा चुनौतियां खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन पर सीधा असर डालती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिंधु का टूर्नामेंट से हटना समझदारी भरा कदम है। लगातार तनाव और अनिश्चितता के बाद सीधे बड़े टूर्नामेंट में उतरना उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता था।
अब सिंधु का फोकस स्विस ओपन पर रहेगा। कोचिंग स्टाफ के अनुसार वे जल्द ही अभ्यास सत्र फिर से शुरू करेंगी। उनका लक्ष्य आगामी सुपर सीरीज और ओलंपिक क्वालिफिकेशन सर्किट में मजबूत वापसी करना है।
ड्रोन अटैक और फ्लाइट रद्द होने की चुनौती के बावजूद PV सिंधु की सुरक्षित वापसी राहत भरी खबर है। हालांकि वे ऑल इंग्लैंड ओपन में हिस्सा नहीं ले पाएंगी, लेकिन उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है। अब सबकी नजर उनकी अगली प्रतियोगिता और कोर्ट पर वापसी पर रहेगी।
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