राजस्थान: में गर्मी ने अप्रैल के महीने में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है और लोग जरूरी कामों के अलावा घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
रविवार, 20 अप्रैल को Kota प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन के अब तक के सबसे गर्म दिनों में से एक माना जा रहा है। इसके अलावा Jodhpur, Barmer, Jaisalmer और अन्य जिलों में भी पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस असामान्य गर्मी के पीछे मुख्य कारण Western Disturbance का कमजोर होना है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिससे गर्म हवाओं का प्रभाव बढ़ गया है।
India Meteorological Department के जयपुर केंद्र के अनुसार, राज्य में अगले चार से पांच दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।
मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। खासतौर पर Jodhpur, Barmer, Jaisalmer, जालौर और पाली क्षेत्रों में 22 और 23 अप्रैल को 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
इन तेज हवाओं के साथ धूल का असर भी रहेगा, जिससे दृश्यता कम हो सकती है और स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है, खासकर सांस के मरीजों के लिए।
उत्तरी राजस्थान में 23 से 25 अप्रैल के बीच लू चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तापमान और अधिक बढ़ सकता है, जिससे हीट वेव की स्थिति बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बढ़ती गर्मी और शुष्क मौसम के कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें।
बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, वरना स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
गर्मी के कारण बाजारों और सड़कों पर भीड़ कम हो गई है। कई इलाकों में दोपहर के समय दुकानें भी जल्दी बंद हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की मांग बढ़ने लगी है।
कृषि और पशुपालन पर भी इस गर्मी का असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि तेज गर्म हवाएं फसलों और पशुओं के लिए चुनौती बन सकती हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
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