जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रदेश की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही है तथा स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान आज देश का चौथा सबसे बड़ा एमएसएमई राज्य बन चुका है, जहां 33 लाख से अधिक उद्यम सक्रिय हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राजस्थान औद्योगिक विकास नीति, ओडीओपी कॉफी टेबल बुक का विमोचन और RAMP पोर्टल का शुभारंभ किया। साथ ही उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को 13 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण, अनुदान एवं सब्सिडी के चेक तथा RIICO की योजनाओं के अंतर्गत भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए।
उन्होंने बताया कि सरकार ने डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 लागू कर पिछले एक वर्ष में 1600 से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया है। साथ ही कई औद्योगिक प्रक्रियाओं की समय-सीमा घटाकर निवेशकों को बड़ी राहत दी गई है।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की औद्योगिक योजनाओं के तहत सोलर पैनल मैन्यूफैक्चरिंग पार्क, सिरेमिक पार्क, डाटा सेंटर पार्क और डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग पार्क विकसित करने की बात कही। उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें हस्तशिल्पियों के लिए हाट विकास, ODOP योजना में वित्तीय सहायता, MSME कैपिटल सब्सिडी अवधि में बदलाव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश सीमा में संशोधन तथा स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता शामिल है।
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