राजस्थान: की राजधानी Jaipur में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर Dr. Jitendra Kumar Soni ने अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को गैस सिलेंडर की कमी का सामना न करना पड़े और साथ ही अवैध भंडारण, दुरुपयोग तथा कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
जिला प्रशासन के अनुसार यह कदम Bhajan Lal Sharma की मंशा के अनुरूप उठाया गया है। राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के सभी जिलों में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से जारी रहे।
इसी उद्देश्य से जयपुर में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है और गैस एजेंसियों के संचालन पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की है।
इस कार्य के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर (दक्षिण) Yugantar Sharma को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम Priyavrat Singh Charan और जिला रसद अधिकारी जयपुर द्वितीय Sanghamitra Bardia को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही जिला सतर्कता यूनिट और विशेष प्रवर्तन दल का भी गठन किया गया है, जो गैस सिलेंडरों की आपूर्ति और वितरण पर लगातार निगरानी रखेंगे।
आम नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है।
लोग गैस सिलेंडर की कमी, कालाबाजारी या अन्य समस्याओं की शिकायत नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0141-2209016 पर दर्ज करवा सकते हैं।
इसके अलावा राज्य स्तर की हेल्पलाइन 181, आपातकालीन नंबर 112 और उपभोक्ता मामलात विभाग की हेल्पलाइन 14435 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
जिला प्रशासन द्वारा गठित विशेष प्रवर्तन दल ने कई गैस एजेंसियों का निरीक्षण भी किया।
इस दौरान Shravani Gas Agency (मुरलीपुरा) और Mani Enterprises (रामगंज) गैस एजेंसी का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान इन एजेंसियों पर घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता पाई गई। साथ ही एजेंसी संचालकों को उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरंत समाधान करने और गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ या लंबी कतारें नहीं लगने देने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल ओटीपी आधारित डिजिटल बुकिंग और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से ही की जाए।
इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गैस सिलेंडर केवल वैध और पंजीकृत उपभोक्ताओं को ही मिलें। इससे कालाबाजारी और दुरुपयोग की संभावना काफी हद तक कम हो सकेगी।
प्रशासन ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे घबराहट में अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर बुकिंग न करें।
इसके लिए उपभोक्ताओं को बल्क एसएमएस के माध्यम से जानकारी दी जाएगी कि पिछली आपूर्ति के 25 दिन बाद ही नई बुकिंग स्वीकृत की जाएगी।
साथ ही गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने परिसर में गैस सिलेंडर का स्टॉक, बुकिंग की स्थिति और अगली आपूर्ति की तारीख स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।
जिला प्रशासन ने घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध भंडारण को लेकर भी सख्त चेतावनी दी है।
यदि कोई एजेंसी या व्यक्ति गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर व्यापक व्यवस्था लागू की है। कंट्रोल रूम, प्रवर्तन दल और डिजिटल बुकिंग जैसी व्यवस्थाओं से गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन की अपील है कि नागरिक घबराहट में अनावश्यक बुकिंग न करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके।
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