राजस्थान दिवस: के अवसर पर पूरे प्रदेश में इस बार कला, साहित्य और लोक संस्कृति का भव्य उत्सव मनाया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से 14 मार्च से 19 मार्च तक पूरे सप्ताह विविध सांस्कृतिक, साहित्यिक और लोककला से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और कला रूपों को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।
यह आयोजन Department of Art, Literature, Culture and Archaeology Rajasthan की ओर से किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के कई प्रमुख सांस्कृतिक संस्थान और अकादमियां भाग लेंगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, कला-साहित्य एवं संस्कृति और पुरातत्व Praveen Gupta ने बताया कि इन कार्यक्रमों के जरिए राजस्थान की लोक परंपराओं, कला और साहित्य को व्यापक मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कलाकारों, साहित्यकारों, विद्वानों और लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। साथ ही युवा पीढ़ी को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का भी प्रयास किया जाएगा।
राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों और संग्रहालयों में भी राजस्थान दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Albert Hall Museum, Hawa Mahal, Amer Fort और Nahargarh Fort सहित कई प्रमुख स्थलों पर 17 से 19 मार्च तक सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होंगी।
इन कार्यक्रमों में लोक संगीत, नृत्य, नाटक और पारंपरिक कला की प्रस्तुतियां शामिल होंगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को राजस्थान की संस्कृति को करीब से देखने का मौका मिलेगा।
जोधपुर स्थित Rajasthan Oriental Research Institute में 17 से 19 मार्च तक विभागीय प्रकाशनों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
इस प्रदर्शनी में ऐतिहासिक और शोध से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकों को प्रदर्शित किया जाएगा।
वहीं टोंक के Maulana Abul Kalam Azad Arabic Persian Research Institute में राष्ट्रीय स्तर के कैलीग्राफिस्टों द्वारा तैयार कैलीग्राफी पैनलों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यहां 17 और 18 मार्च को दो दिवसीय कैलीग्राफी कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।
जयपुर का Jawahar Kala Kendra राजस्थान दिवस समारोह का प्रमुख केंद्र रहेगा।
यहां राजस्थान ललित कला अकादमी, पर्यटन विभाग, राजस्थान राज्य अभिलेखागार, राजस्थान सिंधी अकादमी, जयपुर कथक केंद्र और National School of Drama के सहयोग से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
15 मार्च को सुदर्शना दीर्घा में चित्र प्रदर्शनी आयोजित होगी। इसके साथ ही कृष्णायन सभागार में पद्मश्री सम्मानित कलाकार Ustad Gafurooddin Khan Mewati द्वारा ‘पंडून का कड़ा’ (भपंग वादन और गायन) की प्रस्तुति दी जाएगी।
16 मार्च को रंगायन सभागार में प्रसिद्ध गायक Ahmed Hussain and Mohammed Hussain और रजब अली भारती द्वारा गीत, गजल और भजन की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
17 मार्च को स्वर्गीय कलाकार ज्योति स्वरूप पर विचार गोष्ठी आयोजित होगी और ‘समुद्र मंथन’ नाटक का मंचन किया जाएगा।
राजस्थान दिवस के अवसर पर शिल्पग्राम में 17 से 21 मार्च तक 25वें कला मेले का आयोजन किया जाएगा।
इस मेले में करीब 100 स्टॉल लगाए जाएंगे और 500 से 700 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
यह मेला लोक कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक शिल्पकला के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
18 और 19 मार्च को कृष्णायन सभागार में ‘मॉर्निंग रागा’ कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें प्रातःकालीन राग-रागिनियों की प्रस्तुति दी जाएगी।
वहीं शिल्पग्राम में लोक कला प्रस्तुतियां और कथक नृत्य फ्यूजन भी दर्शकों को आकर्षित करेंगे।
19 मार्च को गोविंद सिंह भाटी और शैरॉन राजन के समूह द्वारा ‘रेतीला’ बैंड की प्रस्तुति भी खास आकर्षण का केंद्र होगी।
राजस्थान दिवस के कार्यक्रमों में नाटक और साहित्यिक आयोजन भी प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
Ravindra Manch में 18 मार्च को सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक का मंचन किया जाएगा।
इसके अलावा विभिन्न अकादमियों की ओर से ब्रजभाषा महोत्सव, कवि सम्मेलन, संगोष्ठियां और सम्मान समारोह भी आयोजित किए जाएंगे।
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