राजस्थान: के Dausa जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। बढ़ती शिकायतों और अवैध भंडारण की सूचनाओं के बाद प्रशासन ने पूरे जिले में जांच अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में महवा क्षेत्र के एक गांव में कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक टीम ने 46 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं।
यह कार्रवाई जिला कलेक्टर Devendra Kumar के निर्देश पर की गई। कलेक्टर ने घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित की हैं।
प्रशासन को सूचना मिली थी कि महवा क्षेत्र की ग्राम पंचायत Samleti में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया जा रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच के दौरान गांव में मीन भगवान मंदिर के पास स्थित एक दुकान में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे हुए मिले। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां से 6 भरे हुए और 40 खाली गैस सिलेंडर जब्त कर लिए।
अधिकारियों का कहना है कि यह सिलेंडर बिना अनुमति के जमा किए गए थे और इनका उपयोग अवैध तरीके से किया जा सकता था।
इस कार्रवाई में Manisha Resham Meena, प्रवर्तन निरीक्षक Amit Kumar Meena और रामगढ़ पचवारा के अधिकारी Prahlad Meena की टीम शामिल रही।
टीम ने मौके पर पहुंचकर सिलेंडरों की जांच की और दुकान के दस्तावेजों की भी जांच की। प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
जिला रसद अधिकारी Kaushal Kishore Gupta ने बताया कि गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जहां भी ऐसी सूचना मिलेगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के निर्देश पर जिलेभर में गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें अलग-अलग गैस एजेंसियों पर पहुंचकर निरीक्षण कर रही हैं।
इस दौरान एजेंसियों में मौजूद सिलेंडरों का स्टॉक, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को दी जा रही आपूर्ति की जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने गैस एजेंसी संचालकों से रिकॉर्ड भी मांगे और यह सुनिश्चित किया कि सिलेंडरों का वितरण निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गैस एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड और उपभोक्ताओं को की जा रही आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल व्यावसायिक कार्यों में तो नहीं किया जा रहा है या फिर उन्हें अवैध तरीके से जमा करके कालाबाजारी तो नहीं की जा रही।
अधिकारियों ने यह भी देखा कि एजेंसियों में उपलब्ध गैस सिलेंडर की संख्या और रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़े आपस में मेल खाते हैं या नहीं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गैस एजेंसी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को समय पर उनके घर तक डिलीवरी दी जाए।
इसके अलावा यह भी चेतावनी दी गई कि यदि घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग या किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने कहा है कि गैस की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दौसा जिले में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अवैध भंडारण पर कार्रवाई और एजेंसियों की लगातार जांच से यह साफ संकेत मिल रहा है कि प्रशासन गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पूरी तरह गंभीर है। आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किए जाने की संभावना है।
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