देशभर: में पिछले कुछ दिनों से चल रही गैस संकट की स्थिति के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पांच दिन बाद कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई दोबारा शुरू कर दी गई है। सरकार ने 9 मार्च को कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति पर अस्थायी रोक लगा दी थी, जिसे अब हटा लिया गया है।
Ministry of Petroleum and Natural Gas ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का वितरण फिर से शुरू कर दिया गया है। साथ ही सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में सिलेंडर की बुकिंग न करें, क्योंकि देश में गैस की उपलब्धता पर्याप्त है।
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में लोगों ने घबराहट में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों की बुकिंग कर दी, जिससे कई जगहों पर अस्थायी कमी की स्थिति बन गई।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति सामान्य है और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने कहा है कि गैस की आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रित रखा जा रहा है।
इसके साथ ही प्रशासन ने देशभर में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए छापेमारी भी तेज कर दी है।
पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी Sujata Sharma ने बताया कि Delhi NCR की इंडस्ट्रीज, होटल और रेस्टोरेंट को एक महीने के लिए नेचुरल गैस के विकल्प के रूप में बायोमास आधारित ईंधन इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।
यह अनुमति Commission for Air Quality Management (CAQM) द्वारा जारी आदेश के तहत दी गई है।
इसके तहत होटल और उद्योग अब Refuse Derived Fuel (RDF) यानी कचरे से बने ईंधन का इस्तेमाल कर सकेंगे।
RDF यानी Refuse Derived Fuel एक ऐसा ईंधन है जो शहरों और उद्योगों से निकलने वाले सूखे कचरे से बनाया जाता है।
इस प्रक्रिया में सबसे पहले कचरे को छांटा जाता है और उसमें से कांच या धातु जैसी चीजों को अलग कर दिया जाता है। इसके बाद प्लास्टिक, कागज, कपड़े और लकड़ी जैसे ज्वलनशील पदार्थों को मशीन की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों या पेलेट्स में बदल दिया जाता है।
इन पेलेट्स का उपयोग फैक्ट्रियों, सीमेंट प्लांट और बिजली संयंत्रों में कोयले या प्राकृतिक गैस के विकल्प के रूप में किया जा सकता है। इससे न सिर्फ कचरे का बेहतर प्रबंधन होता है बल्कि प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलती है।
गैस आपूर्ति को लेकर एक और बड़ी राहत की खबर सामने आई है। खाड़ी देशों से LPG लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz रूट पार कर चुके हैं।
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव Rajesh Kumar Sinha ने बताया कि LPG जहाज INS Shivalik और Nanda Devi अब गुजरात के Mundra Port और Kandla Port की ओर बढ़ रहे हैं।
इन जहाजों में करीब 92,700 टन LPG है और इनके 16 या 17 मार्च तक भारत पहुंचने की संभावना है। इससे देश में गैस की आपूर्ति और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से गैस को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। वहीं छत्तीसगढ़ के कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हो गए।
कुछ जगहों पर होटलों ने गैस की कमी के कारण खाने के दामों में 10% तक सरचार्ज भी लगा दिया है।
इस बीच उत्तर प्रदेश के Farrukhabad में गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे 76 वर्षीय बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि वह सुबह से गैस एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े थे और अचानक गिर पड़े।
देश में गैस आपूर्ति को लेकर बनी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। कमर्शियल LPG की सप्लाई दोबारा शुरू होने और नए जहाजों के भारत पहुंचने से आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। साथ ही सरकार लोगों से अपील कर रही है कि वे घबराहट में गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें और अफवाहों से बचें।
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