इंडियन प्रीमियर लीग 2026: शुरू होने से पहले Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने टीमों के अभ्यास सत्र को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इन नियमों के तहत अब आईपीएल की टीमें प्रैक्टिस के दौरान नेट्स या पिच साझा नहीं कर सकेंगी। हर टीम को अभ्यास के लिए अलग और नए नेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस फैसले का उद्देश्य सभी टीमों को बराबर अवसर देना और अभ्यास सत्र को अधिक व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है। नई गाइडलाइन के अनुसार यदि किसी नेट या पिच पर एक टीम पहले अभ्यास कर चुकी है तो दूसरी टीम को उसी स्थान पर अभ्यास करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस बार **Indian Premier League 2026 का सीजन 28 मार्च से शुरू होगा। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच खेला जाएगा।
यह मैच बेंगलुरु के प्रसिद्ध M. Chinnaswamy Stadium में आयोजित होगा। इससे एक दिन पहले 11 मार्च को BCCI ने पूरे सीजन का शेड्यूल भी जारी किया है।
नई गाइडलाइन के मुताबिक, आईपीएल में भाग लेने वाली कोई भी टीम उस नेट या पिच का उपयोग नहीं कर सकेगी जिस पर दूसरी टीम पहले अभ्यास कर चुकी हो।
भले ही दो टीमें अलग-अलग समय पर अभ्यास करें, फिर भी एक टीम द्वारा इस्तेमाल किए गए नेट दूसरी टीम को नहीं दिए जाएंगे।
अगर कोई टीम जल्दी अभ्यास खत्म कर देती है, तब भी दूसरी टीम को उसी नेट या पिच का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। इससे अभ्यास के दौरान संभावित रणनीतिक जानकारी साझा होने से भी बचाव होगा।
नई गाइडलाइन के अनुसार हर टीम को अधिकतम दो प्रैक्टिस मैच खेलने की अनुमति होगी।
इन मैचों के लिए पहले BCCI की अनुमति लेना जरूरी होगा। इसके अलावा ये मुकाबले मुख्य पिच पर नहीं खेले जाएंगे, बल्कि साइड विकेट पर आयोजित किए जाएंगे।
फ्लडलाइट में खेले जाने वाले प्रैक्टिस मैचों की अवधि अधिकतम साढ़े तीन घंटे तक सीमित रखी गई है।
BCCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी फ्रेंचाइजी के पहले घरेलू मैच से चार दिन पहले तक मुख्य पिच पर कोई अभ्यास सत्र या ट्रेनिंग नहीं होगी।
इसका उद्देश्य पिच को सीजन के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।
पिच क्यूरेटर और ग्राउंड स्टाफ को इस अवधि में पिच को मैच के लिए तैयार करने का समय मिलेगा, जिससे मैच के दौरान बेहतर खेल देखने को मिलेगा।
नई गाइडलाइन में अभ्यास सत्र के समय को लेकर भी नियम बनाए गए हैं।
यदि दो टीमें एक ही समय पर अभ्यास करना चाहें तो पहले होम टीम को प्राथमिकता दी जाएगी।
अगर दोनों टीमों के बीच समय को लेकर सहमति नहीं बनती है, तो BCCI हस्तक्षेप कर दोनों टीमों के लिए अलग-अलग अभ्यास समय तय करेगा।
अभ्यास सत्र के दौरान कई व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी होम फ्रेंचाइजी को दी गई है।
कैटरिंग, मेडिकल सेवाएं, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का प्रबंधन होम टीम द्वारा किया जाएगा।
हालांकि मेहमान टीम को अपने पेय पदार्थों की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई गाइडलाइन का उद्देश्य टीमों की रणनीतियों को सुरक्षित रखना भी है।
जब टीमें एक ही नेट या पिच का इस्तेमाल करती हैं, तो कभी-कभी विरोधी टीम को अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों की रणनीति और कमजोरी के बारे में जानकारी मिल सकती है।
अलग-अलग नेट और अभ्यास व्यवस्था से ऐसी संभावनाओं को कम किया जा सकेगा।
IPL 2026 से पहले BCCI द्वारा जारी की गई नई प्रैक्टिस गाइडलाइन से टूर्नामेंट की तैयारियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अलग-अलग नेट, सीमित प्रैक्टिस मैच और मुख्य पिच पर अभ्यास पर रोक जैसे नियमों से प्रतियोगिता को अधिक निष्पक्ष और पेशेवर बनाने की कोशिश की गई है। यह कदम टीमों को बेहतर तैयारी का मौका देने के साथ-साथ टूर्नामेंट के स्तर को भी ऊंचा करने में मदद कर सकता है।
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