राजस्थान: की राजधानी Jaipur में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है।
Jaipur Development Authority (जेडीए) की प्रोजेक्ट वर्क्स कमेटी (पीडब्ल्यूसी) की शुक्रवार को हुई बैठक में द्रव्यवती नदी के किनारे प्रस्तावित एलिवेटेड ट्रैफिक कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।
इस बैठक की अध्यक्षता जयपुर विकास आयुक्त Siddharth Mahajan ने की। बैठक में शहर के बढ़ते ट्रैफिक दबाव और तेजी से बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए कई बुनियादी परियोजनाओं पर चर्चा हुई और उन्हें मंजूरी दी गई।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला द्रव्यवती नदी के किनारे प्रस्तावित एलिवेटेड ट्रैफिक कॉरिडोर से जुड़ा रहा।
जेडीए ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए करीब 6 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी है।
यह कॉरिडोर बनने के बाद शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम हो सकेगा।
शहर में लगातार बढ़ रहे वाहनों की संख्या को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में द्रव्यवती नदी पर चार अलग-अलग स्थानों पर बॉक्स कल्वर्ट बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
इस निर्माण कार्य के लिए करीब 16.67 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
बॉक्स कल्वर्ट बनने से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन आसान होगा और स्थानीय ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा।
बैठक में शहर के जगतपुरा क्षेत्र के महल रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
जोन-9 के अंतर्गत आने वाले हरे कृष्ण मार्ग (महल रोड) पर एट-ग्रेड यू-टर्न सुविधा विकसित करने के लिए 12.12 करोड़ रुपये की कार्योत्तर स्वीकृति दी गई है।
इस परियोजना के लागू होने के बाद महल रोड पर वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
जेडीए की बैठक में जोन-6 की लोहा मंडी योजना के शेष क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य को भी मंजूरी दी गई।
इसके लिए करीब 6.09 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
नई सड़कों के निर्माण से इस क्षेत्र के निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और इलाके का विकास तेज होगा।
शहर में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से द्रव्यवती नदी के किनारे एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की भी योजना बनाई गई है।
इस परियोजना के लिए करीब 7.90 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे युवाओं को खेल के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
बैठक में जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद को प्रस्तावित आउटडोर स्टेडियम के लिए आवंटित भूमि की प्लानिंग को भी मंजूरी दी गई है।
इससे जयपुर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
बैठक में टोंक रोड स्थित शिवदासपुरा, चंदलाई और बरखेड़ा क्षेत्रों में प्रारंभिक लैंड पूलिंग स्कीम प्रस्तुत करने की अनुमति भी दी गई।
इस योजना के तहत इन क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे भविष्य में बेहतर आवासीय और व्यावसायिक ढांचा विकसित किया जा सकेगा।
बैठक में इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
इनमें नगर निगम हेरिटेज की अमृत 2.0 योजना के तहत सीवरेज पंपिंग स्टेशन के लिए भूमि आवंटन, जेडीए और रीको के बीच 4.57 हेक्टेयर भूमि के ट्रांसफर की प्लानिंग और जेडीए की सेंट्रल स्पाइन योजना के ब्लॉक-2 की री-प्लानिंग शामिल है।
बैठक के बाद जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि इन परियोजनाओं के लागू होने से शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने कहा कि जेडीए का उद्देश्य जयपुर का योजनाबद्ध और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
इन परियोजनाओं के जरिए शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार किया जाएगा।
जयपुर विकास प्राधिकरण की बैठक में लिए गए फैसलों को शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। द्रव्यवती नदी किनारे एलिवेटेड ट्रैफिक कॉरिडोर, नए बॉक्स कल्वर्ट, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और सड़क निर्माण जैसी परियोजनाएं शहर के विकास को नई दिशा देंगी। यदि ये परियोजनाएं तय समय में पूरी होती हैं तो आने वाले वर्षों में जयपुर की ट्रैफिक व्यवस्था और शहरी ढांचा काफी बेहतर हो सकता है।
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