देश: में एलपीजी गैस की भारी किल्लत ने आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक को मुश्किल में डाल दिया है। कई राज्यों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर नहीं पा रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कुछ जगहों पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी शुरू हो गई है और ₹2000 का कॉमर्शियल सिलेंडर ₹4000 तक में बेचा जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक यह संकट अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बाद गैस सप्लाई प्रभावित होने से पैदा हुआ है। इसके चलते देशभर में एलपीजी की उपलब्धता पर असर पड़ा है और कई राज्यों में स्थिति बिगड़ती जा रही है।
पंजाब के कई शहरों में गैस सिलेंडर के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। Ludhiana में लोगों को हाथों में सिलेंडर लेकर दौड़ते हुए देखा गया। कुछ जगहों पर सिलेंडर छीनने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
वहीं Barnala जिले के गांव शैहना में सिलेंडर के लिए लाइन में लगे 66 वर्षीय बुजुर्ग भूषण कुमार मित्तल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। अमृतसर में गैस एजेंसी मैनेजर और ग्राहकों के बीच झड़प की खबर भी सामने आई है।
इस संकट को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। New Delhi में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अपने साथ मिट्टी के चूल्हे लेकर आए और सरकार पर गैस सप्लाई को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गैस संकट के कारण आम लोगों और छोटे कारोबारियों को भारी परेशानी हो रही है, लेकिन सरकार अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं दे पाई है।
Rajasthan के कई शहरों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस खत्म होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। Kota समेत कई शहरों में ढाबों और हॉस्टल मेस में अब लकड़ी और कोयले के चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है।
वहीं Jaipur में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताने के लिए गैस सिलेंडर की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली।
गैस की कमी का असर उद्योगों पर भी पड़ा है। Uttar Pradesh में पॉटरी, चूड़ी और पेठा उद्योग प्रभावित हो गए हैं।
Bulandshahr में एशिया के सबसे बड़े पॉटरी उद्योग में 300 से ज्यादा यूनिट में से करीब 95% यूनिट बंद हो चुकी हैं। इससे 30 हजार से ज्यादा मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।
इसी तरह Firozabad की चूड़ी फैक्ट्रियां और Agra की पेठा फैक्ट्रियां भी गैस न मिलने के कारण बंद होने की कगार पर हैं।
Madhya Pradesh में एलपीजी सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग लगभग ठप हो गई है। Bhopal, Indore, Gwalior और Jabalpur जैसे शहरों में लोग गैस बुक नहीं कर पा रहे हैं।
सर्वर डाउन होने से वेटिंग समय 7 से 8 दिन तक पहुंच गया है। वहीं होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले चार दिनों से उन्हें कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला है।
Bihar में चार दिन से कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग बंद है। Patna और Darbhanga में एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं।
Gujarat में कॉमर्शियल सिलेंडर 3 से 4 हजार रुपये तक में ब्लैक में बिक रहे हैं। गैस की कमी के कारण कई व्यापारियों को अपना कारोबार बंद करना पड़ा है।
Kerala में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अनुसार राज्य के करीब 40 प्रतिशत रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं।
रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि वैकल्पिक कुकिंग सिस्टम अपनाना आसान नहीं है, खासकर शहरी इलाकों में जहां लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल करना मुश्किल होता है।
गैस संकट के बीच लोग वैकल्पिक उपाय ढूंढ रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Amazon पर एक ही दिन में 1.34 लाख इंडक्शन कुकर बिकने का रिकॉर्ड सामने आया है।
पिछले चार दिनों में करीब 5 लाख इंडक्शन कुकर की बिक्री हो चुकी है और कई कंपनियों का स्टॉक खत्म हो गया है।
गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने पिछले छह दिनों में एलपीजी बुकिंग के नियम तीन बार बदले हैं।
6 मार्च को बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड तय किया गया था।
9 मार्च को शहरों में इसे बढ़ाकर 25 दिन किया गया।
12 मार्च को ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग का अंतर 45 दिन कर दिया गया।
मंत्रालय के अनुसार अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे थे, जिससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ गया।
देश में एलपीजी गैस संकट ने आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर उद्योग और रेस्टोरेंट कारोबार तक को प्रभावित कर दिया है। कई राज्यों में लंबी कतारें, कालाबाजारी और विरोध प्रदर्शन इस संकट की गंभीरता को दिखाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द गैस सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.