राजस्थान: में बड़े आतंकी हमले की साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भेजकर राजस्थान में धमाका करने की योजना बनाई गई थी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस साजिश के पीछे पाकिस्तानी आतंकी Shehzad Bhatti का हाथ बताया जा रहा है। योजना के अनुसार सबसे पहला धमाका राजस्थान के सीमावर्ती जिले Hanumangarh में किया जाना था।
हालांकि आरडीएक्स समय पर नहीं पहुंचने के कारण यह साजिश अस्थायी रूप से टाल दी गई और बाद में दूसरे स्थानों को निशाना बनाने की योजना बनाई गई।
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब हरियाणा के Ambala में पुलिस ने तीन आरोपियों को करीब 2 किलो आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से भेजे गए विस्फोटक का इस्तेमाल कर राजस्थान में पहला धमाका किया जाना था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक युवक राजस्थान के Ajmer का रहने वाला अली अकबर उर्फ बाबू भी शामिल है।
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आईईडी को चार दिनों तक हनुमानगढ़ में रखा गया था।
योजना के अनुसार विस्फोट के लिए आरडीएक्स भी पाकिस्तान से भेजा जाना था, लेकिन उसमें देरी हो गई। इसके कारण आरोपियों ने आईईडी को वापस मंगवा लिया।
इसके बाद उन्होंने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के कई इलाकों की रेकी की और संभावित टारगेट के वीडियो अपने आकाओं को भेजे।
आतंकी Shehzad Bhatti ने आरोपियों को अंतिम रूप से तीन संभावित टारगेट बताए थे।
इनमें पहला टारगेट Mata Bala Sundari Temple था, जहां चैत्र नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
दूसरा टारगेट अंबाला के एक बड़े नेता का घर बताया गया, जबकि तीसरा निशाना अंबाला के सैन्य क्षेत्र Topkhana Military Area में स्थित एक सैन्य ठिकाना था।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों को अंदेशा था कि मंदिर को निशाना बनाया जाएगा, लेकिन अंतिम समय में उन्हें सैन्य क्षेत्र में विस्फोट करने का निर्देश दिया गया।
आरोपी एक मोटरसाइकिल पर विस्फोटक, आईईडी, बैटरी, टाइमर और डेटोनेटर लेकर अंबाला कैंट की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान Haryana Police Special Task Force को उनकी गतिविधियों की जानकारी मिल गई।
एसटीएफ टीम ने रास्ते में नाका लगाकर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस ने उनके पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार जब आरोपियों को पकड़ा गया, उस समय आईईडी पूरी तरह एक्टिव था।
इसे प्रेशर रिलीज स्विच से जोड़ा गया था, जिससे जरा सा दबाव हटते ही विस्फोट हो सकता था।
मौके पर पहुंची बम निरोधक दस्ते की टीम ने टिफिन में फिट इस बम को सावधानीपूर्वक निष्क्रिय किया।
अगर यह विस्फोट हो जाता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि फरवरी 2026 में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आरडीएक्स की खेप पंजाब के एक अज्ञात स्थान पर गिराई गई थी।
इसके बाद यह विस्फोटक Amritsar में रहने वाले एक व्यक्ति तक पहुंचाया गया।
वहीं एक किराए के कमरे में बैटरी, डेटोनेटर और टाइमर लगाकर टिफिन बम तैयार किया गया और बाद में इसे अन्य आरोपियों को सौंप दिया गया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए Ministry of Home Affairs India ने हरियाणा पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इसके अलावा National Investigation Agency ने भी इस केस से जुड़ी जानकारी मांगी है।
संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है।
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