इस प्रक्रिया के तहत वे युवा भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे, जो 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे। इससे नए पात्र मतदाताओं को मतदान का अधिकार प्राप्त करने के लिए पंजीकरण का अवसर मिलेगा।
राजस्थान में SIR प्रक्रिया के दौरान 31 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात सामने आई थी। इस प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं पर बड़ी संख्या में नाम हटाने संबंधी आवेदन देने के आरोप लगाए थे। हालांकि, राज्य में इस मुद्दे पर विवाद बाद में कम हो गया था।
अब SSR के माध्यम से पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और मतदाता सूची में दर्ज जानकारी को दुरुस्त करने पर ध्यान दिया जाएगा।
राजस्थान में 1 अक्टूबर 2026 से युवा मतदाताओं और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित पात्र लोगों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 तक फॉर्म-6 के कुल 4,80,893 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के 2,67,946 आवेदन शामिल हैं। वहीं, 20 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के 2,12,947 आवेदन मिले हैं।
फॉर्म-6 के जरिए पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
राजस्थान में SIR प्रक्रिया के बाद भी शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनावों में पुरानी मतदाता सूची के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
मजदूर किसान शक्ति संगठन (MKSS) से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने दावा किया कि SIR में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बावजूद पंचायत और हालिया नगर निकाय चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जा रहा है।
SSR की प्रक्रिया के तहत अब मतदाता सूची को अपडेट करने पर जोर रहेगा। ऐसे में नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, विवरण में सुधार करने और मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
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