जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘सक्षम नारी, स्वस्थ बचपन, समृद्ध राजस्थान’ राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि करने का ऐलान किया। वहीं, रक्षाबंधन के अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिन बहनों को प्रति खाते 1100 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और साथिन बहनें महिला कल्याण, बाल विकास और पोषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश की हर बेटी को पोषण, शिक्षा और विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन के उपहार के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिनों के खातों में कुल 14.65 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के जरिए हस्तांतरित की। इसके साथ ही आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की गई।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और साथिन बहनों ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सहायता राशि को 5 हजार से बढ़ाकर 6,500 रुपये किया गया है। दिव्यांग गर्भवती महिलाओं के लिए यह राशि 10 हजार रुपये की गई है।
‘मा वाउचर योजना’ के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक करीब 4.82 लाख महिलाएं इसका लाभ उठा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के तहत दूसरे बच्चे के जन्म पर करीब 6.48 लाख लाभार्थियों को 215 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत बालिकाओं को सात किस्तों में कुल 1.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। योजना के तहत पहली किस्त से 9 लाख से अधिक, दूसरी किस्त से 7.73 लाख और तीसरी किस्त से करीब 95 हजार बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।
वहीं, कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजना के तहत 1 लाख से अधिक महिलाएं और बालिकाएं निशुल्क माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। प्रदेश में अब तक 11 लाख मेधावी बालिकाओं को साइकिल और 46 हजार बालिकाओं को स्कूटी वितरित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीविका के माध्यम से करीब 25 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और लगभग 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण सीमा को 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये किया गया है। योजना में 360 करोड़ रुपये की राशि के 3,559 ऋण आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना के तहत 2 लाख से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को डिजिटल साक्षरता और डिजिटल कौशल प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 181 महिला हेल्पलाइन, 266 पुलिस थानों में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र और 52 वन स्टॉप सखी केंद्र संचालित हैं। इनके माध्यम से अब तक करीब 1.31 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई गई है।
महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, कानूनों और साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी देने के लिए इस वर्ष के बजट में ‘स्त्री योजना’ शुरू की गई है।
राज्य में 62,120 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब 35 लाख लाभार्थियों को पूरक पोषण और अन्य सेवाएं दी जा रही हैं। सेवाओं का विस्तार करने के लिए 1,000 नए आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले 3 से 6 वर्ष के करीब 12 लाख बच्चों को सप्ताह में पांच दिन दूध दिया जा रहा है।
राज्य के 9,336 आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन मरम्मत के कार्य चल रहे हैं, जिनमें करीब 66 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में 74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के 27 आकांक्षी ब्लॉक्स में किशोरी बालिका योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत पांच लाभार्थियों को प्रतीकात्मक ऋण चेक भी सौंपे।
कार्यक्रम में कैश प्लस मॉडल व्यवहार परिवर्तन रणनीति पर आधारित पुस्तक, मातृ एवं शिशु पोषण की सफलता की कहानियों की पुस्तिका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बच्चों के विकास में देरी एवं दिव्यांग बच्चों में संकेतकों की पहचान से जुड़ी मार्गदर्शिका और ‘नव चेतना’ हैंडबुक का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में छोटे बच्चों ने मुख्यमंत्री का गुलाब के फूल देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट, फल और उपहार वितरित किए तथा अपने हाथों से बच्चों का अन्नप्राशन भी करवाया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा राजस्थान बनाना है, जहां हर बेटी को आगे बढ़ने का अवसर मिले, वह आत्मनिर्भर बने और हर बच्चे को पर्याप्त पोषण मिले। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और साथिन बहनें बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही हैं।
कार्यक्रम में सांसद राव राजेन्द्र सिंह, सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम, निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं साथिन बहनें मौजूद रहीं। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों से भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और साथिन बहनें कार्यक्रम से जुड़ीं।
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