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सरकारी कर्मचारी चुनाव हारने के बाद वापस नहीं लौट सकते नौकरी में, राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के चुनाव लड़ने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी नौकरी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ता है और चुनाव हार जाता है, तो वह सिर्फ चुनाव में हार के आधार पर अपना इस्तीफा वापस लेकर दोबारा सरकारी सेवा में शामिल होने का दावा नहीं कर सकता।

यह फैसला जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने नीरज बिश्नोई की याचिका खारिज करते हुए सुनाया। कोर्ट ने इस मामले में सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT), जयपुर के फैसले को भी बरकरार रखा।

चुनाव लड़ने के लिए अपनी इच्छा से दिया था इस्तीफा

मामले में याचिकाकर्ता ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए स्वेच्छा से सरकारी नौकरी से इस्तीफा दिया था। उन्होंने इस्तीफा देने के पीछे बताए गए उद्देश्य के अनुसार चुनाव भी लड़ा, लेकिन चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद उन्होंने इस्तीफा वापस लेने के लिए आवेदन किया। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि इस्तीफा वापस लेने का आवेदन नियमों में निर्धारित 90 दिन की अवधि के भीतर किया गया था।

पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स का दिया हवाला

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में कहा गया कि इस्तीफा देते समय उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इससे उनकी पेंशन और अन्य रिटायरमेंट बेनिफिट्स प्रभावित होंगे। चुनाव हारने के बाद उन्हें इस नुकसान की जानकारी हुई।

इसी आधार पर दलील दी गई कि चुनाव हारना और पेंशन लाभ प्रभावित होने की जानकारी मिलना परिस्थितियों में बदलाव माना जाना चाहिए और उन्हें इस्तीफा वापस लेने की अनुमति दी जानी चाहिए।

विभाग ने किया विरोध

विभाग की ओर से इस दलील का विरोध किया गया। विभाग ने कहा कि कर्मचारी ने चुनाव लड़ने के लिए सोच-समझकर अपनी नौकरी छोड़ी थी। चुनाव में हार जाने के बाद वह अपने फैसले से पीछे हटकर दोबारा सरकारी नौकरी पर लौटने का दावा नहीं कर सकता।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि चुनाव हार जाना अपने आप में इस्तीफा वापस लेने के लिए ऐसी बाध्यकारी परिस्थिति नहीं है, जिसे नियमों के तहत परिस्थितियों में महत्वपूर्ण बदलाव माना जाए।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव हारने के बाद पेंशन या रिटायरमेंट बेनिफिट्स के नुकसान का पता चलना, इस्तीफा वापस लेने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।

इस फैसले के साथ राजस्थान हाईकोर्ट ने CAT जयपुर के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें सरकारी कर्मचारी को दोबारा सेवा में लेने से इनकार किया गया था।

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