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फसल बीमा पोर्टल पर गांव नहीं दिखने की समस्या होगी दूर, कृषि विभाग ने तेज की अपडेट प्रक्रिया

जयपुर, 16 अगस्त। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2026 में अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए राजस्थान सरकार लगातार प्रयास कर रही है। किसानों को बीमा करवाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए कृषि विभाग ने राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर गांवों के विवरण को अपडेट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि खरीफ-2026 के लिए फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 16 अगस्त निर्धारित है। किसानों के हित को देखते हुए इस अवधि को बढ़ाकर 20 अगस्त किए जाने का अनुरोध भारत सरकार से किया गया है। अवधि बढ़ने की स्थिति में गैर-ऋणी किसानों के साथ-साथ बटाईदार सहित सभी पात्र किसान अपनी फसलों का बीमा करवा सकेंगे।

पोर्टल पर गांव नहीं दिखने की शिकायतें

कृषि विभाग द्वारा राजस्व मंडल से प्राप्त विलेज मास्टर के आधार पर गांवों का विवरण राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर अपलोड करवाया गया है। इसके बावजूद कुछ जिलों से शिकायतें सामने आई हैं कि फसल बीमा करवाते समय कुछ गांवों के नाम पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं।

विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों का विवरण पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा है, उनकी जानकारी निर्धारित प्रारूप में जल्द उपलब्ध कराई जाए। प्राप्त विवरण के आधार पर संबंधित गांवों के नाम पोर्टल पर तत्काल अपडेट करवाए जाएंगे।

पात्र किसानों को बीमा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सहज और सुगम तरीके से उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर गांवों के नाम प्रदर्शित नहीं होने के कारण कोई भी पात्र किसान बीमा सुविधा से वंचित नहीं रहे, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने अधिकारियों को गांवों से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण करवाने और आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि पोर्टल पर गांवों का विवरण अपडेट किया जा सके और अधिक से अधिक किसान निर्धारित अवधि में अपनी फसलों का बीमा करवा सकें।

इस बार फसल बीमा योजना में कई सकारात्मक बदलाव

कृषि आयुक्त ने बताया कि इस बार फसल बीमा योजना में प्रीमियम की दरें काफी कम रखी गई हैं। इसके साथ ही किसानों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए कई सकारात्मक बदलाव किए गए हैं।

योजना के तहत 7 दिन में फसल बीमा कॉपी किसान को उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। वहीं, सर्वेयर की नियुक्ति में देरी करने या सर्वे रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर पेनल्टी का प्रावधान भी किया गया है।

इसके अलावा इस बार फार्मर आईडी अनिवार्य किए जाने से फर्जीवाड़े पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। इन बदलावों के चलते किसानों में फसल बीमा योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

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