राजस्थान: के जोधपुर जिले में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लंबित मामलों का आपसी सहमति से समाधान किया गया। यह लोक अदालत Rajasthan State Legal Services Authority के निर्देश पर आयोजित की गई थी, जिसमें जिला स्तर से लेकर तहसील स्तर तक कई बेंचों में सुनवाई हुई।
इस आयोजन का संचालन District Legal Services Authority Jodhpur के नेतृत्व में किया गया। जिला एवं सेशन जज Puran Kumar Sharma की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न न्यायालयों में राजीनामा योग्य मामलों, प्री-लिटिगेशन केस और राजस्व मामलों का निपटारा किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जोधपुर जिला मुख्यालय और तहसीलों के उपखंड न्यायालयों में कुल 8 बेंचों का गठन किया गया। जिला मुख्यालय पर तीन प्रमुख बेंचों में मामलों की सुनवाई की गई।
इन बेंचों में जिला एवं सेशन जज पूरण कुमार शर्मा के साथ-साथ अपर जिला जज Dr. Manish Harjai और सिविल जज Aditya ने सुनवाई की।
बेंचों में अधिवक्ता भानुप्रकाश दाधीच, रामप्रकाश प्रजापत और जुगल किशोर सदस्य के रूप में शामिल रहे। सभी ने मिलकर पक्षकारों को समझौते के फायदे बताए और विवादों को आपसी सहमति से समाप्त कराने का प्रयास किया।
लोक अदालत में मुख्य रूप से ऐसे मामलों की सुनवाई की जाती है जिनका समाधान आपसी सहमति से संभव होता है। इसमें सिविल विवाद, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना क्लेम, पारिवारिक विवाद और राजस्व मामलों जैसे कई केस शामिल होते हैं।
शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भी ऐसे ही कई मामलों को निपटाया गया। पक्षकारों को समझाकर दोनों पक्षों के बीच सहमति से समाधान करवाया गया, जिससे लंबे समय से चल रहे विवाद खत्म हो सके।
अपर जिला जज डॉ. मनीष हरजाई ने बताया कि लोक अदालत न्याय पाने का एक सरल और तेज माध्यम है। उन्होंने कहा कि यहां विवादों का समाधान कम समय में और कम खर्च में संभव हो पाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में होने वाले समझौते पर कोई अपील नहीं होती। यह फैसला सिविल कोर्ट के आदेश की तरह मान्य होता है और उसका पालन करना अनिवार्य होता है।
इस वजह से लोक अदालत को न्यायिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है, जहां लोगों को जल्दी और सुलभ न्याय मिलता है।
जिला एवं सेशन जज पूरण कुमार शर्मा की बेंच ने स्थायी लोक अदालत से जुड़े जनोपयोगी मामलों का भी निपटारा किया। इन मामलों में आम जनता से जुड़े कई विवाद शामिल थे, जिन्हें आपसी समझौते से सुलझाया गया।
इस प्रक्रिया में पक्षकारों को समझाया गया कि लंबे समय तक अदालतों में मुकदमेबाजी करने से बेहतर है कि विवादों को आपसी सहमति से समाप्त किया जाए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय सहयोग दिया।
इन सभी के प्रयासों से कई लंबित मामलों का समाधान संभव हो पाया। इससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी मदद मिली।
लोक अदालत का उद्देश्य केवल मामलों का निपटारा करना ही नहीं बल्कि लोगों को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना भी है।
जब लोग आपसी सहमति से अपने विवाद सुलझाते हैं तो इससे समाज में सौहार्द बना रहता है और न्यायिक व्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
जोधपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक बार फिर साबित किया कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान न्याय व्यवस्था का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। इस पहल से न केवल लोगों को जल्दी न्याय मिला बल्कि अदालतों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.