राजस्थान: के दौसा जिले में स्थित बांदीकुई रेलवे जंक्शन अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। करीब 150 साल पुराने इस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 24.27 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास कार्य शुरू कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा, जिनके लिए यात्रा अब पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक होने वाली है।
1874 में बने इस ऐतिहासिक स्टेशन पर वर्तमान में रोजाना लगभग 16 हजार यात्री सफर करते हैं और 100 से अधिक ट्रेनों का ठहराव होता है। ऐसे में स्टेशन का आधुनिकीकरण लंबे समय से जरूरी माना जा रहा था। अब सरकार के इस कदम से न सिर्फ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
पुनर्विकास के तहत स्टेशन के एंट्री और एग्जिट पॉइंट को नया और आकर्षक बनाया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चौड़ी सड़कों, सर्कुलेटिंग एरिया और अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे स्टेशन पर भीड़भाड़ और ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
इसके साथ ही यात्रियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए डिजिटल सूचना प्रणाली, कोच इंडिकेशन डिस्प्ले, जीपीएस घड़ियां और एलईडी लाइटिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह सुविधाएं यात्रियों को ट्रेन की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएंगी और सफर को ज्यादा सहज बनाएंगी।
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बांदीकुई स्टेशन का यह अपग्रेड सीधे तौर पर श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर करेगा।
स्टेशन पर एसी वेटिंग रूम, टिकट वेंडिंग मशीन, फूड प्लाजा, शुद्ध पेयजल और प्लेटफॉर्म शेल्टर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे यात्रियों को गर्मी, भीड़ और असुविधा से राहत मिलेगी।
रेलवे प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा है। स्टेशन पर रैंप, ब्रेल साइनेज और आरक्षित पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म तक पहुंच को आसान बनाने के लिए लिफ्ट और 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाया जा रहा है, जो स्टेशन के दोनों छोरों को जोड़ेगा।
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरों का अपग्रेडेशन किया जा रहा है। इसके साथ ही हेल्प डेस्क, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपायों को भी मजबूत किया जा रहा है। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
बांदीकुई स्टेशन के पुनर्विकास में स्थानीय संस्कृति और विरासत को भी महत्व दिया जा रहा है। स्टेशन के बाहरी हिस्से को हेरिटेज लुक दिया गया है, जिसमें भित्ति चित्र, पारंपरिक पेंटिंग और स्थानीय शिल्प को शामिल किया गया है। इससे यात्रियों को राजस्थान की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से मेहंदीपुर बालाजी के अलावा चांद बावड़ी और हर्षद माता मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बांदीकुई रेलवे स्टेशन का यह पुनर्विकास न सिर्फ यात्रियों के सफर को आसान बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक पहचान के संगम से यह स्टेशन आने वाले समय में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर सकता है।
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