राजस्थान: के दौसा जिले के लवाण क्षेत्र में स्थित खेड़ा की ढाणी खानवास में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां गैस पाइप में लीकेज के कारण लगी आग ने देखते ही देखते पूरे कच्चे मकान और पशु बाड़े को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया, जबकि दो भैंसें भी आग की चपेट में आकर घायल हो गईं।
यह हादसा उस समय हुआ जब परिवार के सदस्य रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे। अचानक रसोई में गैस पाइप से लीकेज हुआ और चिंगारी लगते ही आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे छप्परपोश मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय इलाके में तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को और भड़काने का काम किया। रसोई से शुरू हुई आग जल्द ही पशु बाड़े तक पहुंच गई और वहां बंधी भैंसों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग पक्के मकान की जाली से अंदर घुस गई, जिससे घर में रखा अनाज, खासकर गेहूं, पूरी तरह जलकर राख हो गया।
घटना के दौरान दिनेश मीणा नामक युवक ने बहादुरी दिखाते हुए पशुओं को बचाने के लिए जलते हुए बाड़े में छलांग लगा दी। हालांकि इस प्रयास में वह खुद गंभीर रूप से झुलस गया। आग की तेज लपटों ने उसे बुरी तरह घायल कर दिया। परिजन तुरंत उसे उपचार के लिए जयपुर लेकर गए, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पीड़ित परिवार के मुखिया रामलाल मीणा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपनी फसल बेचकर करीब 1.50 लाख रुपए घर में रखे थे। दुर्भाग्यवश, आग की चपेट में आने से यह पूरी रकम जलकर राख हो गई। इसके अलावा घर का सारा घरेलू सामान, कपड़े और जरूरी दस्तावेज भी नष्ट हो गए।
यह हादसा न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी परिवार के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है। परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और बिना किसी प्रशासनिक सहायता के आग बुझाने में जुट गए। उन्होंने खेतों में लगी मोटरें चालू कर पाइपों के जरिए पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
करीब आधा दर्जन मोटरों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वे समय पर सक्रिय नहीं होते तो आग और भी बड़ा नुकसान कर सकती थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी तुरंत दमकल विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई भी फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में पुलिस टीम जरूर पहुंची, लेकिन तब तक आग काफी हद तक नुकसान कर चुकी थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही भविष्य में और बड़े हादसों को जन्म दे सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में दमकल सेवाओं को मजबूत किया जाए और समय पर सहायता सुनिश्चित की जाए।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गैस पाइपलाइन और सिलेंडर की नियमित जांच जरूरी है, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
खेड़ा की ढाणी में हुआ यह हादसा सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की हकीकत भी उजागर करता है। समय पर दमकल की अनुपस्थिति और गैस सुरक्षा की अनदेखी ने नुकसान को और बढ़ा दिया। अब जरूरत है कि प्रशासन ठोस कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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