उत्तर प्रदेश: के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने वाला बहुप्रतीक्षित Ganga Expressway आज एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंचने जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi बुधवार को हरदोई के मल्लावां में आयोजित भव्य समारोह में इस मेगा प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे। करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।
सुबह 11 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में Anandiben Patel, Yogi Adityanath और प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन में लगभग डेढ़ लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिससे इसकी भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 594 किलोमीटर है, जो मेरठ के बिजौली से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर डांडू तक जाएगा। यह मार्ग पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे जोड़ते हुए प्रदेश के 12 जिलों और 500 से अधिक गांवों को आपस में कनेक्ट करेगा।
इससे न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि व्यापार, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
सरकार का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए ‘संजीवनी’ साबित होगा। इसके किनारे 12 औद्योगिक गलियारे (इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक क्लस्टर) विकसित किए जाएंगे, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों की तेज ढुलाई संभव होगी और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत शाहजहांपुर के जलालाबाद के पास बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है। यह देश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है जहां रात में और आपातकालीन स्थितियों में लड़ाकू विमान भी लैंड कर सकते हैं।
यह सुविधा न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि आपदा प्रबंधन और रणनीतिक जरूरतों के लिए भी बेहद उपयोगी मानी जा रही है।
हरदोई के मल्लावां में होने वाले लोकार्पण समारोह को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कार्यक्रम स्थल को हाई-टेक सुविधाओं से लैस किया गया है।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक शामिल होंगे।
एक्सप्रेसवे बनने से मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। साथ ही यह मार्ग दिल्ली-एनसीआर को पूर्वी यूपी से बेहतर तरीके से जोड़ने का काम करेगा।
यह परियोजना प्रदेश को लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
Yogi Adityanath सरकार इसे अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिन रही है। उनका कहना है कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा और निवेश को आकर्षित करेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक भविष्य की आधारशिला है। इसके शुरू होने से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि रोजगार, निवेश और विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे। अब देखना होगा कि यह परियोजना कितनी तेजी से प्रदेश की तस्वीर बदल पाती है।
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