पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग ने जहां रिकॉर्ड मतदान के संकेत दिए, वहीं दूसरी ओर कई विवादों और आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। शाम 5 बजे तक लगभग 89.99% मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में सबसे ऊंचे मतदान प्रतिशतों में से एक माना जा रहा है।
मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ, लेकिन मतदाता सुबह 5:30 बजे से ही बूथों के बाहर कतारों में नजर आए। यह उत्साह लोकतंत्र में लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। इससे पहले पहले चरण में भी 93% मतदान दर्ज किया गया था।
चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस और उसकी प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्रीय बलों पर गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने कहा कि CRPF ने कई बूथों पर कब्जा कर लिया है और उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की जा रही है।
TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि हावड़ा के उदयनारायणपुर में एक बुजुर्ग की मौत CRPF की कथित पिटाई के कारण हुई। उनके अनुसार, बुजुर्ग अपने बेटे के साथ मतदान करने गए थे, जहां केंद्रीय बलों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और मृत घोषित कर दिया गया।
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने TMC के आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। पार्टी का दावा है कि डायमंड हार्बर के फालता इलाके में EVM मशीन में भाजपा के बटन पर टेप लगा दिया गया था, जिससे वोटिंग प्रभावित हो सकती थी।
इस पर चुनाव आयोग ने कहा कि जहां भी शिकायतें सही पाई जाएंगी, वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा। इससे यह स्पष्ट है कि आयोग चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सतर्क है।
मतदान के दौरान कई क्षेत्रों से हिंसा और झड़पों की खबरें भी सामने आईं।
इन घटनाओं ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया।
पूर्वी बर्धमान जिले में एक मतदान केंद्र के पास संदिग्ध बैग में बम मिलने से हड़कंप मच गया। बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर उसे निष्क्रिय किया। हालांकि, इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मतदान के बीच ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी। वहीं भाजपा भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है। दोनों ही दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
2021 के चुनाव में इन 142 सीटों में से 123 सीटों पर TMC ने जीत दर्ज की थी, जिससे इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का दूसरा चरण जहां रिकॉर्ड मतदान के लिए याद रखा जाएगा, वहीं यह विवादों और आरोपों के कारण भी चर्चा में रहेगा। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
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