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नेमी सागर जैन मंदिर में दसलक्षण महापर्व की आराधना, चौथे दिन उत्तम शौच धर्म का संदेश

जयपुर: नेमी सागर कॉलोनी स्थित श्री नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दसलक्षण महापर्व के चौथे दिन शनिवार को उत्तम शौच धर्म की आराधना की गई। इस अवसर पर मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, विधान-पूजन और अर्घ्य समर्पण सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में समाज के महिला, पुरुष और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

समिति अध्यक्ष जेके जैन (कालाडेरा) ने उत्तम शौच धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह धर्म व्यक्ति को मन की शुद्धता, संतोष और सीमित आवश्यकताओं के साथ जीवन जीने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जरूरतें सीमित रखने से व्यक्ति लोभ से दूर रह सकता है और ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ के सिद्धांत को अपनाकर शांतिपूर्ण जीवन जी सकता है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपना पेट भर सकता है, लेकिन पेटी भरने की लालसा खत्म नहीं होती। अधिक से अधिक धन और संपत्ति जुटाने की इच्छा व्यक्ति को लोभ की ओर ले जाती है, जिसका असर मानसिक शांति पर भी पड़ता है। उत्तम शौच धर्म व्यक्ति को अपनी आवश्यकताओं को सीमित रखने और संतोष का भाव विकसित करने की प्रेरणा देता है।

बेईमानी से कमाया धन नहीं देता मानसिक शांति

जेके जैन ने कहा कि ईमानदारी से जीवन चलाया जा सकता है, लेकिन तिजोरी भरने के लिए बेईमानी, अन्याय या गलत तरीकों का सहारा लेने से प्राप्त धन वास्तविक शांति नहीं दे सकता। ऐसे धन का उपयोग बाद में बीमारी, इलाज, कानूनी परेशानी या अन्य संकटों में हो सकता है। इसलिए जीवन में संतोष और ईमानदारी को महत्व देना जरूरी है।

27 सितंबर को सामूहिक उत्तम क्षमा कार्यक्रम

समिति उपाध्यक्ष अनिल जैन (धुआं वाले) ने बताया कि 27 सितंबर को मंदिर परिसर में सामूहिक उत्तम क्षमा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान समाज के लोग वर्षभर में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करना है।

सुबह पूजा, दोपहर में स्वाध्याय और शाम को प्रवचन

दसलक्षण महापर्व के दौरान मंदिर में प्रतिदिन सुबह श्रीजी का अभिषेक और दसलक्षण विधान की पूजा की जा रही है। दोपहर 3 बजे से तत्वार्थ सूत्र का सामूहिक स्वाध्याय आयोजित होता है। शाम को महाआरती और णमोकार महामंत्र का जाप किया जाता है। इसके बाद श्रमण संस्कृति संस्थान से आए विद्वान भैया जी द्वारा प्रवचन दिए जाते हैं।

रात के समय समाज के पुरुष, महिलाएं और बच्चे धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दे रहे हैं। इन आयोजनों के जरिए धर्म, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश दिया जा रहा है।

रविवार को उत्तम सत्य धर्म की आराधना

दसलक्षण महापर्व के पांचवें दिन रविवार को उत्तम सत्य धर्म की आराधना की जाएगी। इस दौरान मंदिर में विधान-पूजन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

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DESK HP NEWS

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