इसके बाद आसाराम भगत की कोठी स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल चला गया, जहां उसने रात बिताई। बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह करीब 9:45 बजे उसने जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया।
आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को 20 दिन की पैरोल दी थी, जो 26 अक्टूबर को समाप्त हो गई। पैरोल की अवधि बढ़ाने के लिए आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। मंगलवार सुबह सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर पैरोल बढ़ाने से इनकार करते हुए उसे सरेंडर करने का आदेश दिया।
इसके बाद आसाराम उज्जैन से एयर एंबुलेंस के जरिए जोधपुर पहुंचा। वह मंगलवार रात करीब 10:15 बजे जोधपुर पहुंचा और लगभग आधे घंटे बाद केंद्रीय जेल पहुंच गया। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के कारण जेल प्रशासन ने उसे रात में प्रवेश नहीं दिया।
आसाराम के निर्धारित समय पर सरेंडर नहीं करने के मामले में रातानाडा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। रातानाडा थाने के सहायक उपनिरीक्षक और मामले के अनुसंधान अधिकारी भवानी सिंह के अनुसार, आसाराम के खिलाफ धारा 58(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस प्रावधान के तहत तीन साल तक की सजा या आर्थिक दंड का प्रावधान बताया गया है।
जेल में प्रवेश नहीं मिलने के बाद आसाराम भगत की कोठी स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल पहुंचा। वह रातभर अस्पताल में रहा और बुधवार सुबह करीब 9:45 बजे जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर सरेंडर किया।
इस पूरे घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट का पैरोल बढ़ाने से इनकार, निर्धारित समय के बाद जेल पहुंचना और एफआईआर दर्ज होना प्रमुख घटनाक्रम रहे। अब मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित पुलिस और जेल प्रशासन के नियमों के अनुसार होगी।
21 अगस्त 2013: जोधपुर के महिला थाने में नाबालिग से रेप की FIR दर्ज।
31 अगस्त 2013: इंदौर के आश्रम से गिरफ्तार।
6 नवंबर 2013: 1021 पेज की चार्जशीट पेश।
25 अप्रैल 2018: जोधपुर सेशन कोर्ट ने आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई।
अगस्त 2013: गुजरात के गांधीनगर में आश्रम की एक महिला ने रेप का मामला दर्ज करवाया था।
31 जनवरी 2023: इस मामले में कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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