पीएम मोदी ने कहा कि महामारी, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन में रुकावट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। एक क्षेत्र में पैदा हुई समस्या का असर दूसरे देशों और क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनौतियों को तुरंत पहचानना, उनके लिए पहले से तैयारी करना और जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ BRICS देशों के बीच आपसी सहयोग और रेजिलिएंस (लचीलापन) बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच BRICS समूह को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी, जिससे किसी भी संभावित संकट का प्रभाव कम किया जा सके और सदस्य देश मिलकर उसका सामना कर सकें।
पीएम मोदी ने बताया कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए BRICS Integrated Early Warning System पर सहमति बनी है। यह व्यवस्था संभावित स्वास्थ्य संकटों की शुरुआती पहचान और समय रहते प्रतिक्रिया देने में मदद करेगी।
इसके अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए Early Warning Data Integration Guidelines भी तैयार की गई हैं। इसका उद्देश्य आपदा से जुड़े शुरुआती संकेतों और आंकड़ों को बेहतर तरीके से साझा एवं एकीकृत करना है, ताकि संकट की स्थिति में तेज और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में BRICS देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटने पर जोर दिया।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.