राजस्थान: की राजनीति एक बार फिर बयानबाज़ी के चलते गरमा गई है। Javahar Singh Bedham ने पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot पर तीखा हमला बोलते हुए उनके बयानों को “आधारहीन” करार दिया है। बेढ़म ने कहा कि गहलोत केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह की बयानबाज़ी करते हैं, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
गृह राज्यमंत्री बेढ़म ने कहा कि कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान के चलते गहलोत इस तरह के बयान दे रहे हैं ताकि वे अपनी राजनीतिक उपस्थिति बनाए रख सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी और अपराध चरम पर थे।
बेढ़म ने कहा कि वर्तमान सरकार के आने के बाद अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
बेढ़म ने दावा किया कि साल 2023 की तुलना में 2025 में अपराध दर में 18.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि हत्या के मामलों में 25.68 प्रतिशत, डकैती में 47.26 प्रतिशत और लूट के मामलों में 50.75 प्रतिशत की कमी आई है।
इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 9.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। बेढ़म ने इन आंकड़ों को वर्तमान सरकार की सख्त नीति और बेहतर प्रशासन का परिणाम बताया।
गृह राज्यमंत्री ने कांग्रेस शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौरान कुछ लोगों ने माफिया के साथ मिलकर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं था, बल्कि राज्य की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाने वाला मुद्दा था।
बेढ़म ने कहा कि मौजूदा सरकार इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बेढ़म ने मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस थानों में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां पीड़ित महिलाओं को सहायता और परामर्श दिया जा रहा है।
इसके साथ ही ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’ का गठन किया गया है, जो सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय है। महिला हेल्पलाइन-181 और एंटी रोमियो स्क्वॉड भी इसी दिशा में काम कर रहे हैं।
राजस्थान में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी माहौल के बीच इस तरह की बयानबाज़ी ने माहौल को और गर्म कर दिया है। जहां एक ओर भाजपा सरकार अपने कामकाज और उपलब्धियों को सामने रख रही है, वहीं कांग्रेस इन दावों पर सवाल उठा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की बयानबाज़ी और तेज हो सकती है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
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